Raebareli News : रायबरेली शहर के मालिकमऊ क्षेत्र में स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-30) के लगभग 500 मीटर लंबे ओवरब्रिज पर पिछले छह महीनों से हाईमास्ट लाइटें बंद पड़ी हैं। गर्मी के मौसम में लगाई गई ये लाइटें अब “सफेद हाथी” बनकर रह गई हैं। सर्दी और घने कोहरे के मौसम में अंधेरे में ओवरब्रिज पार करना जानलेवा साबित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लाइट न जलने की वजह से आए दिन छोटे-बड़े सड़क हादसे हो रहे हैं, जिसमें कई लोग घायल हो चुके हैं और कुछ की जान तक जा चुकी है।
लोगों में आक्रोश, कोई सुनवाई नहीं

मालिकमऊ, इंदिरा नगर, रतापुर कॉलोनी और आसपास के इलाकों के लोग रोजाना इसी ओवरब्रिज से गुजरते हैं। रात के समय या सुबह कोहरे में यह पुल पूरी तरह अंधेरे में डूब जाता है। दोपहिया वाहन चालक, पैदल यात्री और ट्रक चालक सबसे ज्यादा परेशान हैं।
एक स्थानीय निवासी संदीप यादव ने बताया, “पिछले हफ्ते ही कोहरे में एक बाइक सवार ब्रिज के किनारे से नीचे गिर गया। उसकी हालत गंभीर है। ऐसे 4-5 हादसे तो हर हफ्ते हो ही रहे हैं। लाइटें लगी हैं लेकिन कभी जलती ही नहीं।”
NHAI और नगर पालिका की खींचतान, जनता परेशान
ओवरब्रिज पर लगी हाईमास्ट लाइटें राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने लगवाई थीं, लेकिन रखरखाव और बिजली बिल का जिम्मा स्पष्ट नहीं है। जब इस संबंध में रायबरेली नगर पालिका अध्यक्ष से बात की गई तो उन्होंने साफ कहा, “यह राष्ट्रीय राजमार्ग का पुल है, लाइटें भी NHAI ने लगवाई हैं। बिजली कनेक्शन और मेंटेनेंस का काम भी उनका है। नगर पालिका का इसमें कोई दायित्व नहीं है।”
वहीं NHAI के स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने पर कोई ठोस जवाब नहीं मिला। प्रोजेक्ट डायरेक्टर कार्यालय से केवल इतना कहा गया कि “मामला ऊपर भेज दिया गया है, जल्द ही लाइटें चालू हो जाएंगी।” लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कोहरे का कहर दोगुना कर रही अंधेरी लाइटें
इस समय उत्तर भारत में घना कोहरा छाया रहता है। विजिबिलिटी 20-30 मीटर तक सिमट जाती है। ऐसे में बिना लाइट का 500 मीटर लंबा ऊंचा पुल दुर्घटना का बड़ा कारण बन रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाईवे के फ्लाईओवर और ओवरब्रिज पर हाईमास्ट लाइटें अनिवार्य होती हैं, लेकिन रखरखाव के अभाव में ये सजावट की वस्तु बनकर रह जा रही हैं।
स्थानीय लोग अब सोशल मीडिया और जिला प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि जल्द से जल्द लाइटें चालू कराई जाएं, नहीं तो बड़े हादसे को कोई नहीं रोक सकता।
जनता अब सवाल कर रही है – आखिर कब तक NHAI की मनमानी और लापरवाही से निर्दोष लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे?










