उत्तर प्रदेश के रायबरेली ( Raebareli ) जिले के सदर तहसील क्षेत्र में दबंगों द्वारा खलिहान की जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश ने हिंसक रूप ले लिया। ब्लॉक रही के अंतर्गत आने वाले लोधवारी ग्राम सभा के रवासिया गांव में आज शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे खलिहान की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। लेखपाल और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद दबंगों ने दबंगई दिखाते हुए गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना की पूरी कड़ी तब शुरू हुई जब रवासिया गांव के कुछ प्रभावशाली लोग खलिहान की जमीन पर जबरन कब्जा करने पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार, यह जमीन ग्राम सभा की है और इसका उपयोग फसल कटाई के बाद अनाज सुखाने के लिए किया जाता है। दबंगों ने दावा किया कि यह जमीन उनके पूर्वजों की है, लेकिन कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किए। जब लेखपाल ने कब्जे को रोकने की कोशिश की, तो दबंगों ने उन्हें धमकियां दीं। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस टीम भी स्थिति को नियंत्रित नहीं कर पाई।

लेखपाल की शिकायत पर थाने में मामला दर्ज कराने पहुंचे ग्रामीणों और दबंगों के बीच बहस तेज हो गई। देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर लाठी-डंडे चलाते नजर आ रहे हैं। गाली-गलौज की आवाजें और चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा। मारपीट में महिलाएं और बुजुर्ग भी घायल हुए हैं। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, कम से कम 5-6 लोग चोटिल हुए हैं, जिनमें से दो को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में एक बुजुर्ग महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है।
स्थानीय निवासी राम प्रसाद (नाम परिवर्तित) ने बताया, “हमने कई बार प्रशासन को शिकायत की थी कि दबंग इस जमीन पर नजर गड़ाए हुए हैं। आज दोपहर जब वे ट्रैक्टर और मजदूरों के साथ पहुंचे, तो हमने विरोध किया। लेखपाल साहब ने रुकने को कहा, लेकिन वे नहीं माने। थाने में शिकायत की तो मारपीट हो गई। वीडियो में सब साफ दिख रहा है कि दबंगों ने कैसे गुंडागर्दी की।” एक अन्य ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “पुलिस मौके पर थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। यह दबंगई का नंगा नाच है।”
इस मामले में जब उप जिला मजिस्ट्रेट (SDM) से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है और जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा, “घटना की पुष्टि हो चुकी है। दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल, गांव में अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है ताकि तनाव न फैले।” हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही से ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं।
रवासिया गांव में यह पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ महीनों में जमीन विवाद को लेकर यहां दो बार छोटे-मोटे झगड़े हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावशाली लोगों का दबदबा होने से आम आदमी न्याय नहीं पा पाता। वायरल वीडियो में दबंगों के चेहरे साफ दिख रहे हैं, जिससे सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। कई यूजर्स ने ट्विटर (अब X) पर #RaebareliLandDispute और #JusticeForVillagers जैसे हैशटैग के साथ पोस्ट शेयर कर प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
यह घटना रायबरेली जिले में बढ़ते जमीन विवादों की पोल खोल रही है। जिले में पिछले एक साल में ऐसे 50 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें से अधिकांश दबंगई से जुड़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्व रिकॉर्ड की डिजिटलीकरण और त्वरित निपटान से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने गांव में शांति समिति की बैठक बुलाने का फैसला लिया है ताकि विवाद सुलझाया जा सके।










