रायबरेली जिले के बछरावां विकासखंड के कंपोजिट विद्यालय सब्जी में शनिवार को “स्कूल चलो अभियान” के तहत एक प्रेरणादायक जागरूकता रैली निकाली गई। इस पहल का उद्देश्य गांव-गांव तक शिक्षा का महत्व पहुंचाना और हर बच्चे को विद्यालय से जोड़ना रहा। विद्यालय परिसर से शुरू हुई यह रैली पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई।
गांव की गलियों में गूंजे शिक्षा के नारे
रैली में शामिल छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ गांव के प्रमुख मार्गों पर भ्रमण किया। इस दौरान “सब पढ़ें, सब बढ़ें” और “शिक्षा है सबसे बड़ा अधिकार” जैसे नारों ने माहौल को जागरूकता से भर दिया। छोटे-छोटे बच्चों की आवाज में बड़ा संदेश था, जिसने ग्रामीणों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

हर बच्चा पहुंचे स्कूल-शिक्षकों की अपील
विद्यालय के शिक्षकों ने इस अवसर पर अभिभावकों से सीधे संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि बच्चों का नियमित रूप से स्कूल आना बेहद जरूरी है। शिक्षकों ने यह भी समझाया कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि यह बच्चों के भविष्य को संवारने की नींव है।
शिक्षा ही असली ताकत : सहायक अध्यापिका
सहायक अध्यापिका सपना बाजपेई ने अपने संबोधन में कहा कि हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे। उनके शब्दों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
अभियान का उद्देश्य सिर्फ नामांकन बढ़ाना
प्रधानाध्यापक दिनेश कुमार ने बताया कि “स्कूल चलो अभियान” का उद्देश्य सिर्फ नामांकन बढ़ाना नहीं, बल्कि बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि पैदा करना है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके।
शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना
इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना रहा। रैली के माध्यम से यह संदेश साफ तौर पर सामने आया कि शिक्षा ही समाज को आगे बढ़ाने का सबसे मजबूत माध्यम है।










