Ramgarh Court Shrivastava Gang Attack Foiled : रामगढ़ कोर्ट परिसर में मचाया गया हंगामा, श्रीवास्तव गैंग के 21 अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़े

Ramgarh Court Shrivastava Gang Attack Foiled : रामगढ़ कोर्ट में श्रीवास्तव गैंग का हमला नाकाम, 21 खूंखार अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़े

Ramgarh Court Shrivastava Gang Attack Foiled : झारखंड के रामगढ़ जिले की व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) परिसर में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब कुख्यात श्रीवास्तव गैंग के दर्जनों अपराधी अचानक वहाँ पहुँच गए। इनका इरादा कोर्ट परिसर में बड़ी वारदात करने का था, लेकिन पुलिस की सूझबूझ और तत्परता से समय रहते सबको पकड़ लिया गया। कुल 21 खतरनाक अपराधियों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से कई पर हत्या, लूट, फिरौती जैसे दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं।

गुप्त सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई

रामगढ़ के एसपी अजय कुमार को सोमवार सुबह ही खुफिया सूचना मिली थी कि श्रीवास्तव गैंग के सदस्य कोर्ट परिसर के आसपास जमा हो रहे हैं और कोई बड़ा प्लान बना रहे हैं। सूचना मिलते ही एसपी साहब ने तुरंत एक्शन लिया। पतरातू के एसडीपीओ गौरव गोस्वामी के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम बनाई गई। इस टीम को कई छोटे-छोटे ग्रुप में बाँट दिया गया और कोर्ट परिसर के अंदर-बाहर, गेट के पास, पार्किंग एरिया और आसपास की सभी गलियों में सादी वर्दी और वर्दी में पुलिस तैनात कर दी गई।

कोर्ट में घुसे अपराधी, मचाया हंगामा

दोपहर के करीब 1 बजे के आसपास श्रीवास्तव गैंग के सदस्य कोर्ट परिसर में घुस आए। कुछ लोग तो अदालत के अंदर तक पहुँच गए। चिल्लाना, धमकाना, वकीलों और आम लोगों को डराना शुरू कर दिया। कोर्ट में मौजूद लोग सहम गए। कई वकील और मुवक्किल अपनी-अपनी बेंच से उठकर इधर-उधर भागने लगे। माहौल ऐसा हो गया था मानो कोई फिल्मी सीन चल रहा हो।

लेकिन पुलिस पहले से ही मुस्तैद थी। जैसे ही हंगामा शुरू हुआ, अलग-अलग दिशाओं से पुलिस के जवान दौड़े और अपराधियों को चारों तरफ से घेर लिया। किसी को भागने का मौका तक नहीं मिला। कुछ अपराधी बाहर सड़क पर भी पकड़े गए जो कोर्ट की तरफ आ रहे थे।

21 अपराधी पकड़े, कई पर दर्जनों मुकदमे

पुलिस ने कुल 21 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें श्रीवास्तव गैंग के कई पुराने और खतरनाक सदस्य शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इनमें से ज्यादातर अपराधी कई-कई सालों से कोयला माफिया, जमीन कब्जा, ठेका दिलाने के नाम पर वसूली और हत्या जैसे संगीन अपराधों में लिप्त रहे हैं। कुछ तो जमानत पर बाहर आए थे और फिर से वारदात की फिराक में थे।

पुलिस अब इनसे सख्ती से पूछताछ कर रही है कि आखिर कोर्ट परिसर में आने का मकसद क्या था? किसी खास मुकदमे में गवाह को धमकाना था या किसी कैदी को छुड़ाने की साजिश थी या फिर कोई और बड़ा प्लान था? ये सारी बातें जांच के बाद ही साफ होंगी।

पुलिस की तत्परता से बची बड़ी अनहोनी

अगर पुलिस को पहले से सूचना नहीं मिलती और टीम तैयार न होती तो सोचिए क्या होता! कोर्ट परिसर में दिनदहाड़े गोलीबारी हो जाती, कई बेकसूर लोगों की जान जा सकती थी। वकील, जज, कर्मचारी और आम लोग – सब खतरे में आ जाते। लेकिन रामगढ़ पुलिस ने जिस तरह चौकसी दिखाई, उसकी हर तरफ तारीफ हो रही है। आम लोग पुलिस को धन्यवाद दे रहे हैं कि समय रहते इतने बड़े हादसे को रोक लिया गया।

आगे क्या होगा?

फिलहाल सभी 21 आरोपियों को थाने लाया गया है। इनके पास से कुछ हथियार और आपत्तिजनक सामान भी बरामद हुआ है। पुलिस अब इनके खिलाफ संगठित अपराध, सरकारी काम में बाधा, धमकी जैसे कई धाराओं में केस दर्ज कर रही है। साथ ही पुराने मुकदमों में भी इनकी जमानत रद्द कराने की तैयारी की जा रही है।

रामगढ़ में कोयला और जमीन के कारोबार को लेकर कई गैंग आपस में भिड़े रहते हैं। श्रीवास्तव गैंग भी इन्हीं में से एक है। आए दिन इनके बीच गोलीबारी और मारपीट की खबरें आती रहती हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे गैंग पर लगाम लगाने के लिए अब और सख्त कदम उठाए जाएंगे ताकि आम आदमी बिना डर के कोर्ट-कचहरी जा सके।

रामगढ़ कोर्ट की यह घटना एक बार फिर बता रही है कि अपराधी कितने भी दुस्साहसी हो जाएँ, कानून के हाथ उनसे लंबे हैं। पुलिस की मुस्तैदी ने न सिर्फ एक बड़ी वारदात को रोका बल्कि लोगों का भरोसा भी बढ़ाया है।

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