Kasturba Gandhi Vidyalaya : रायबरेली जिले में शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में 73 महत्वपूर्ण पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से ठप हो चुकी है। इन पदों पर भर्ती न होने से न केवल 73 योग्य उम्मीदवारों का भविष्य अधर में लटक गया है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। इसी बीच, बाल वाटिका ( Bal Vatika ) अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन – ईसीसीई एजुकेटर ( ECCE Educator ) के 210 पदों पर भी भर्ती अधिसूचना जारी न होने से अभिभावक और शिक्षाविद् चिंतित हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि प्रशासनिक देरी और केंद्रीय दिशा-निर्देशों की प्रतीक्षा के कारण ये भर्तियां लंबित हैं।
केजीबीवी भर्ती में देरी: 73 पदों पर सन्नाटा, शिक्षा का स्तर गिरा

बताते हुए चले कि कस्तूरबा गांधी विद्यालय ( Kasturba Gandhi Vidyalaya ) योजना के तहत जिले में संचालित होने वाले बालिका आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों, वार्डन, काउंसलर और अन्य सहायक स्टाफ के 73 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। ये पद जनवरी 2025 से नवंबर 2025 तक भर्ती प्रक्रिया के अभाव में रिक्त बने हुए हैं। जिले के पांच से अधिक केजीबीवी केंद्रों में स्टाफ की कमी के कारण कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं, और कई बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित होना पड़ रहा है।
शिक्षा विभाग के एक संगठन के पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, केंद्रीय स्तर से मंजूरी की प्रतीक्षा है,लेकिन स्थानीय स्तर पर मेरिट लिस्ट और इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 73 उम्मीदवारों को चयन पत्र मिलने का इंतजार है, लेकिन कागजी कार्रवाई में देरी हो रही है। इसी तरह की समस्या अन्य जिलों में भी देखने को मिल रही है।
बीएड पास एक अभ्यर्थी ने कहा, हमने तीन साल की मेहनत के बाद आवेदन किया, लेकिन अब नौकरी का सपना टूटने की कगार पर है। सरकार की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना को मजाक बना दिया गया है। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दिसंबर 2025 तक भर्ती पूरी करने का प्रयास किया जाएगा, लेकिन यह केवल आश्वासन मात्र है।
बाल वाटिका ईसीसीई एजुकेटर: 210 पदों पर भर्ती का इंतजार, प्री-प्राइमरी शिक्षा पर संकट
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी बाल वाटिका ( Bal Vatika ) योजना के तहत ईसीसीई एजुकेटर ( ECCE Educator ) के पदों पर भर्ती को लेकर भी असमंजस की स्थिति है। राज्य स्तर पर 8800 पदों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है, लेकिन रायबरेली जिले में 210 पदों के लिए अलग से अधिसूचना जारी न होने से स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है। ये पद प्राथमिक और संयुक्त विद्यालयों में प्री-प्राइमरी (बाल वाटिका) कक्षाओं के लिए आरक्षित हैं, जहां 3 से 6 वर्ष के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा दी जाती है।
हाल ही में रायबरेली में नए बीएसए राहुल सिंह की तैनाती हुई है,जो गैर जनपद से स्थानांतरित होकर आए है। कार्यालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि वे भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के लिए केंद्रीय टीम के साथ समन्वय कर रहे हैं। नए बीएसए की तैनाती के बाद शिक्षा गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जगी है।










