Restricted Areas In India For Foreigners: भारत दुनिया के सबसे खूबसूरत और विविधतापूर्ण देशों में से एक है। यहां पहाड़, समुद्र, जंगल, मंदिर और ऐतिहासिक जगहें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। लेकिन कुछ ऐसी जगहें हैं जहां विदेशी नागरिकों (विदेशी पर्यटकों) की एंट्री पूरी तरह बैन है या बहुत सख्त नियमों के साथ परमिट की जरूरत पड़ती है। ये जगहें ज्यादातर सुरक्षा, सीमा क्षेत्र या आदिवासी संस्कृति की सुरक्षा के कारण प्रतिबंधित हैं। यहां हम ऐसी कुछ प्रमुख जगहों के बारे में सरल भाषा में बताते हैं कि क्यों विदेशियों को यहां जाने की मनाही है या मुश्किल है।
1. चकराता (उत्तराखंड) – भारत का मिनी स्विट्जरलैंड/Restricted Areas In India For Foreigners
उत्तराखंड का चकराता हिल स्टेशन अपनी हरी-भरी वादियों, शांत माहौल और स्विस आल्प्स जैसी खूबसूरती के लिए मशहूर है। यहां देवदार के जंगल, झरने और ठंडी हवाएं पर्यटकों को सुकून देती हैं। लेकिन विदेशी पर्यटकों के लिए यहां एंट्री बैन है।

क्यों है बैन?
चकराता एक कैंटोनमेंट क्षेत्र है, जहां भारतीय सेना का बड़ा कैंप है। सुरक्षा के लिहाज से यहां विदेशियों को अनुमति नहीं दी जाती। भारतीय नागरिक बिना परमिट के जा सकते हैं (बस आधार या वोटर आईडी साथ रखें), लेकिन विदेशियों को यहां आने की इजाजत नहीं मिलती। यह नियम सेना की गोपनीयता और सीमा सुरक्षा के कारण है।
2. अरुणाचल प्रदेश के कई इलाके
अरुणाचल प्रदेश को “भारत का छिपा हुआ स्वर्ग” कहा जाता है। तवांग मठ, पासीघाट, जीरो फेस्टिवल और बर्फीले पहाड़ यहां की खासियत हैं। लेकिन पूरे राज्य को प्रोटेक्टेड एरिया घोषित किया गया है।
क्यों प्रतिबंध?
यह राज्य चीन की सीमा से लगा हुआ है। यहां सुरक्षा संवेदनशील है और सीमा विवाद के कारण विदेशियों की आवाजाही पर सख्त नजर रखी जाती है। विदेशी पर्यटक प्रोटेक्टेड एरिया परमिट (PAP) के बिना नहीं जा सकते। कुछ जगहों पर परमिट मिलना भी मुश्किल होता है।
3. कुछ हिस्से में सिक्किम
सिक्किम की खूबसूरती किसी से छिपी नहीं। गंगटोक, रुमटेक मठ, युमथांग वैली (फूलों की घाटी) और गुरुडोंगमार झील जैसे स्पॉट्स विदेशी पर्यटकों के बीच बहुत पॉपुलर हैं। लेकिन राज्य के कुछ हिस्से रिस्ट्रिक्टेड एरिया हैं।
क्यों है बैन या परमिट जरूरी?
सिक्किम चीन और नेपाल की सीमा से लगा है। यहां रिस्ट्रिक्टेड एरिया परमिट (RAP) की जरूरत पड़ती है। गंगटोक जैसे कुछ पर्यटन स्थलों पर 15 दिनों तक परमिट मिल जाता है, लेकिन बॉर्डर के करीब वाले इलाकों में सिर्फ ग्रुप टूरिस्ट्स को ही अनुमति मिलती है। सुरक्षा और सीमा की गोपनीयता मुख्य कारण हैं।
4. मणिपुर, नागालैंड और मिजोरम के इलाके
2025 में सरकार ने इन तीनों पूर्वोत्तर राज्यों में प्रोटेक्टेड एरिया रिजीम दोबारा लागू कर दिया है। पहले कुछ सालों के लिए छूट थी, लेकिन अब विदेशियों को PAP लेना जरूरी है।
क्यों फिर से बैन?
इन राज्यों में सुरक्षा चुनौतियां बढ़ गई हैं। म्यांमार से आने वाले अवैध घुसपैठिए, जातीय संघर्ष और उग्रवाद के कारण सरकार ने विदेशियों की निगरानी बढ़ा दी है। मणिपुर में जातीय हिंसा, नागालैंड और मिजोरम में भी संवेदनशील स्थिति है। इसलिए विदेशी पर्यटकों को परमिट के बिना एंट्री नहीं मिलती।
5. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्से
अंडमान की नीली समुद्र, सफेद रेत और कोरल रीफ दुनिया भर में मशहूर हैं। लेकिन पूरे यूनियन टेरिटरी को रिस्ट्रिक्टेड एरिया माना जाता है।
क्यों प्रतिबंध?
कई द्वीपों पर अब RAP की जरूरत नहीं है (2018 के बाद 30 से ज्यादा द्वीप खुले हो गए), लेकिन कुछ संवेदनशील या आदिवासी इलाकों (जैसे सेंटिनल आइलैंड) में सख्त बैन है। सेंटिनल आइलैंड पर तो आदिवासी जनजाति बाहरी दुनिया से संपर्क नहीं चाहती और सरकार उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह रोक लगाती है। अन्य इलाकों में सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण कारण हैं।
6. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ बॉर्डर इलाके
श्रीनगर, गुलमर्ग, पहलगाम और लद्दाख की खूबसूरती तो सब जानते हैं। लेकिन लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) के पास वाले इलाके और कुछ हिस्सों में विदेशी पर्यटकों को एंट्री नहीं मिलती।
क्यों बैन?
पाकिस्तान और चीन बॉर्डर के कारण ये इलाके संवेदनशील हैं। आतंकवाद और सीमा सुरक्षा के मुद्दे यहां प्रमुख हैं। सरकार ने कुछ क्षेत्रों में विदेशियों के लिए रोक लगाई है ताकि कोई खतरा न हो।
अन्य जगहें जहां विदेशियों को मुश्किल
- उत्तराखंड के कुछ इलाके (चीन बॉर्डर के पास)
- हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्से
- राजस्थान के पाकिस्तान बॉर्डर वाले इलाके
ये सभी जगहें प्रोटेक्टेड या रिस्ट्रिक्टेड कैटेगरी में आती हैं।
क्यों लगते हैं ऐसे बैन?
भारत सरकार इन प्रतिबंधों को मुख्य रूप से तीन कारणों से लगाती है:
- राष्ट्रीय सुरक्षा – बॉर्डर क्षेत्रों में जासूसी या घुसपैठ रोकने के लिए।
- आदिवासी संस्कृति की सुरक्षा – कुछ जनजातियां बाहरी प्रभाव से बचाना चाहती हैं।
- संवेदनशील इलाकों में स्थिरता – उग्रवाद या जातीय तनाव वाले क्षेत्रों में निगरानी।
अगर कोई विदेशी इन जगहों पर जाना चाहता है तो PAP या RAP के लिए आवेदन करना पड़ता है, जो गृह मंत्रालय या भारतीय दूतावास से मिलता है। कई बार परमिट मिलना आसान नहीं होता।
भारत में ढेर सारी खुली और सुंदर जगहें हैं जहां विदेशी बिना किसी परेशानी के घूम सकते हैं, जैसे ताजमहल, गोवा, केरल, राजस्थान के किले आदि। लेकिन ये कुछ खास स्पॉट्स सुरक्षा और संस्कृति की वजह से विदेशियों के लिए बंद हैं। अगर आप भारतीय हैं तो इनमें से कई जगहों पर घूमने का मजा लीजिए, क्योंकि ये सच में अनोखी हैं!










