Saharanpur: विश्व हिंदू महासंघ के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के 95वें शहीदी दिवस के अवसर पर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन सौंपा और पूरे उत्तर प्रदेश में हर जिले में “वंदे मातरम् चौक” बनाने की मांग की।
देशभक्ति का प्रतीक बने वंदे मातरम् चौक
ज्ञापन में संगठन के पदाधिकारियों ने लिखा कि “वंदे मातरम्” सिर्फ एक नारा नहीं है, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की राष्ट्रीय भावना और देशभक्ति का जीवंत प्रतीक है। मंडल प्रभारी सतीश कुमार गौतम ने कहा, “शहीदों के बलिदान को याद रखने के लिए हमें नई पीढ़ी को प्रेरणा देनी चाहिए। इसलिए प्रदेश के हर जिले में एक प्रमुख चौराहे का नाम ‘वंदे मातरम् चौक’ रखा जाना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि सहारनपुर में भी किसी बड़े और व्यस्त चौराहे का नाम “वंदे मातरम् चौक” रखा जाए, ताकि रोज गुजरने वाले लोग शहीदों की याद ताजा रख सकें।
कार्यकर्ताओं ने जताई एकजुटता
सैकड़ों कार्यकर्ता सुबह से ही जिला प्रशासन कार्यालय के सामने एकत्र हुए। उन्होंने हाथों में तिरंगे, भगत सिंह की तस्वीरें और “वंदे मातरम्” के बैनर लेकर जोर-जोर से नारे लगाए। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से अपील की कि इस मांग पर गंभीरता से विचार किया जाए और जल्द से जल्द इसे मंजूरी दी जाए।
सतीश कुमार गौतम ने बताया कि शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु जैसे महान क्रांतिकारियों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, “आज की युवा पीढ़ी को इन शहीदों की कहानी बतानी चाहिए। ‘वंदे मातरम् चौक’ बनने से हर रोज देशभक्ति की भावना जागृत होगी।”
मांगों के मुख्य बिंदु
- पूरे उत्तर प्रदेश के हर जिले में कम से कम एक “वंदे मातरम् चौक” बनाया जाए।
- सहारनपुर में भी किसी प्रमुख चौराहे का नाम “वंदे मातरम् चौक” रखा जाए।
- शहीदों के सम्मान में प्रतीकात्मक कदम उठाकर समाज में सकारात्मक संदेश दिया जाए।
- नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाई जाए।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगर यह मांग पूरी हो गई तो न सिर्फ शहीदों का सम्मान होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ी भी देशभक्ति से जुड़ेगी।
Saharanpur प्रशासन से अपील
विश्व हिंदू महासंघ के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि वे इस ज्ञापन को तुरंत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाएं और मांग पर शीघ्र कार्रवाई की जाए। उन्होंने भरोसा जताया कि योगी सरकार शहीदों के सम्मान में हमेशा सकारात्मक रुख अपनाती रही है, इसलिए इस मांग को भी जल्द स्वीकार किया जाएगा।










