Saudi Arabia Gold : सऊदी अरब को दुनिया तेल का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक के रूप में जानती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस तेल-समृद्ध देश के पास केंद्रीय बैंक के आधिकारिक सोने के भंडार में 323.07 टन सोना है? यह आंकड़ा हालिया रिपोर्ट्स (ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स और IMF डेटा) के अनुसार 2025 के अंत तक अपरिवर्तित रहा है। वैश्विक स्तर पर यह सऊदी अरब को टॉप 20 देशों में रखता है, जहां अमेरिका (8,133 टन) सबसे ऊपर है। लेकिन सवाल यह है – तेल की भूमि पर इतना सोना आया कहां से? क्या यह सिर्फ खरीदारी है या प्राकृतिक खनन से? आइए विस्तार से जानते हैं।
सऊदी अरब के आधिकारिक सोने के भंडार: कितना और कितनी कीमत?

सऊदी अरब के सेंट्रल बैंक (SAMA) के पास 323.07 टन सोना है, जो 2025 के तीसरे तिमाही तक स्थिर रहा। CEIC डेटा के अनुसार, जनवरी 2026 में इसका मूल्य लगभग 433 मिलियन USD (लगभग 3,600 करोड़ रुपये) के आसपास है, लेकिन यह सोने की कीमत पर निर्भर करता है। वर्तमान में सोने की कीमत 4,000-4,500 USD प्रति औंस के स्तर पर है, इसलिए कुल मूल्य 20-25 बिलियन USD के करीब हो सकता है।
यह रिजर्व दुनिया के कुल केंद्रीय बैंक सोने (36,000+ टन) का छोटा लेकिन महत्वपूर्ण हिस्सा है। सऊदी अरब ने 2016 से सोने के भंडार को 323 टन पर स्थिर रखा है, जबकि कई देश जैसे रूस, चीन और भारत सक्रिय रूप से खरीद रहे हैं।
इतिहास: सोना कहां से आया? पुराने समय से लेकर अब तक
सऊदी अरब में सोने का इतिहास हजारों साल पुराना है। अरेबियन शील्ड (Arabian Shield) क्षेत्र में प्राचीन काल से सोने की खदानें थीं, जो मक्का-मदीना के आसपास फैली हैं। प्राचीन सभ्यताओं में यह क्षेत्र सोने के लिए प्रसिद्ध था। आधुनिक समय में:
- तेल से पहले का दौर – 1930-40 के दशक में तेल की खोज से पहले सऊदी अर्थव्यवस्था व्यापार, हज और खनन पर निर्भर थी। सोना व्यापार और आयात से आता था।
- तेल बूम के बाद – 1970-80 के दशक में तेल से आए अरबों डॉलर से सऊदी अरब ने विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाया। इसका हिस्सा सोने में निवेश किया गया। सऊदी ने सोना खरीदा ताकि आर्थिक स्थिरता बनी रहे और डॉलर पर निर्भरता कम हो।
- आधुनिक खनन – 2000 के बाद Ma’aden (Saudi Arabian Mining Company) ने बड़े पैमाने पर खनन शुरू किया। Mansourah Massarah जैसी प्रमुख खदानें सक्रिय हैं। जनवरी 2026 में Ma’aden ने 7.8 मिलियन औंस (लगभग 221 टन) नए सोने के संसाधन की घोषणा की, जिसमें Mansourah Massarah में 10.4 मिलियन औंस (116 मिलियन टन ऑर से) शामिल हैं।
यह खोज Vision 2030 का हिस्सा है, जिसके तहत सऊदी तेल पर निर्भरता कम कर खनन को तीसरा बड़ा स्तंभ बनाना चाहता है।
कुल खनिज संपदा: 2.5 ट्रिलियन डॉलर का खजाना
सऊदी सरकार ने हाल ही में घोषणा की कि देश के अज्ञात खनिज संसाधनों (सोना, जिंक, तांबा, लिथियम, रेयर अर्थ आदि) की कीमत 2.5 ट्रिलियन USD (लगभग 210 लाख करोड़ रुपये) है। सोना इसमें महत्वपूर्ण है। Ma’aden की नई खोजें Arabian Shield में हैं, जहां 4 प्रमुख साइट्स (Mansourah Massarah, Uruq 20/21, Umm As Salam, Wadi Al Jaww) से 7.8 मिलियन औंस मिले। यह खोज सोने की कीमतों में उछाल (2026 में 4,500 USD/औंस तक) के साथ अरबों डॉलर की कमाई दे सकती है।
सोने की खपत और सांस्कृतिक महत्व
सऊदी अरब में सोना सिर्फ रिजर्व नहीं, बल्कि संस्कृति का हिस्सा है। पिछले तीन सालों में अरब दुनिया में सोने की खपत रिकॉर्ड स्तर पर रही, जिसमें सऊदी अरब ने 194.2 टन खरीदा। शादियों, त्योहारों और निवेश में सोना प्रमुख है। देश में 6+ फैक्टरियां सोना-चांदी के बार बनाती हैं, जिनमें 7 बिलियन SAR से ज्यादा निवेश है।
Vision 2030 और भविष्य की योजनाएं
क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की Vision 2030 के तहत खनन क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा रहा है। 477+ एक्सप्लोरेशन लाइसेंस जारी हो चुके हैं, जिसमें सोने के लिए 15+ लाइसेंस हैं। 2026 में और उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। सोना न सिर्फ आर्थिक विविधीकरण लाएगा, बल्कि वैश्विक बाजार में सऊदी की स्थिति मजबूत करेगा।
निष्कर्ष
सऊदी अरब का सोना मुख्य रूप से खरीदारी (तेल राजस्व से) और अब घरेलू खनन से आ रहा है। 323 टन आधिकारिक रिजर्व के साथ और 221+ टन नए संसाधनों की खोज से सऊदी भविष्य में सोने का बड़ा उत्पादक बन सकता है।










