रायबरेली जिले के दीनशाह गौरा ब्लॉक में उस समय राजनीतिक माहौल गर्म हो गया, जब स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) अपने दौरे पर पहुंचे। राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री मौर्य ने यहां एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने चक्रवर्ती सम्राट अशोक मौर्य के नाम पर बने एक भव्य प्रवेश द्वार का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम में उनके साथ उनकी पुत्रवधू और ब्लॉक प्रमुख Savita Pal भी मौजूद रहीं। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख द्वारा कराए गए कई विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने मौर्य का जोरदार स्वागत किया। सविता पाल ने अपने ससुर स्वामी प्रसाद मौर्य को मुकुट, तलवार और बुके भेंट कर उनका अभिनंदन किया, जिससे माहौल और भी उत्साहित हो गया।

जनता को संबोधित करते हुए भाजपा पर हमला
कार्यक्रम के दौरान मौर्य ने जनता को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह नजरअंदाज कर रही है। उनका आरोप था कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों से पढ़ाने के अलावा अन्य कार्य करवाए जा रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि उच्च शिक्षा दिन-ब-दिन महंगी होती जा रही है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है। मौर्य के मुताबिक, यह सरकार शिक्षा के क्षेत्र में गंभीर नहीं है और इसका खामियाजा आने वाली पीढ़ी को भुगतना पड़ रहा है।
बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं पर चिंता
स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने भाषण में बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी चरम पर है और युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही किसानों की स्थिति भी लगातार खराब होती जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है और उनके हित में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। मौर्य ने कहा कि अगर यही हाल रहा, तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
2027 चुनाव को लेकर बड़ा बयान
2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर मौर्य ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने जनता पर अत्याचार किए हैं और अब जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले चुनावों में जनता इस सरकार को सबक सिखाएगी।
मौर्य का यह बयान साफ संकेत देता है कि उनकी पार्टी आगामी चुनावों में मजबूती से उतरने की तैयारी कर रही है और जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की रणनीति बना रही है।
गैस संकट और विदेश नीति पर भी बोले
देश में गैस की किल्लत के मुद्दे पर भी स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपनी राय रखी। उन्होंने इस समस्या के लिए प्रधानमंत्री Narendra Modi की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश नीति के कारण देश की जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल के साथ खड़े होने की वजह से भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान उठाना पड़ रहा है। मौर्य के अनुसार, ईरान के हॉर्मोज मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर अतिरिक्त टैक्स देना पड़ रहा है, जिससे गैस और अन्य जरूरी चीजों की कीमतें प्रभावित हो रही हैं।
ईरान से रिश्तों पर क्या बोले मौर्य?
स्वामी प्रसाद मौर्य ने ईरान के साथ भारत के पुराने रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान आज भी भारत के साथ अपने संबंधों को बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि तमाम दबावों के बावजूद ईरान लगातार भारत को जहाज भेज रहा है, जो एक सकारात्मक संकेत है।
उन्होंने यह भी कहा कि अब प्रधानमंत्री को अपनी नीतियों से सबक लेते हुए ईरान के साथ संबंध सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए। मौर्य ने इसे एक अच्छा प्रयास बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि यह पहले किया जाना चाहिए था।
निष्कर्ष
रायबरेली में स्वामी प्रसाद मौर्य का यह दौरा राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। उन्होंने जहां एक तरफ विकास कार्यों का उद्घाटन किया, वहीं दूसरी तरफ केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे हमले भी किए। शिक्षा, बेरोजगारी, किसानों की समस्या और विदेश नीति जैसे मुद्दों को उठाकर उन्होंने यह साफ कर दिया कि आने वाले समय में उनकी राजनीति इन मुद्दों के इर्द-गिर्द ही घूमेगी।










