TMC Candidate List 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में मंगलवार को एक बड़ा राजनीतिक भूकंप आ गया। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को उनकी परंपरागत सीट भवानीपुर (Bhabanipur) से और नंदीग्राम (Nandigram) से बीजेपी छोड़कर आए पवित्र कर (Pavitra Kar) को मैदान में उतार दिया है। ममता बनर्जी ने सूची जारी करने से पहले बीजेपी की हार का ऐलान किया और निर्वाचन आयोग (Election Commission) पर बीजेपी के इशारे पर काम करने का गंभीर आरोप लगाया। TMC 294 में से 291 सीटों पर लड़ेगी, जबकि दार्जिलिंग हिल्स (Darjeeling Hills) में बीजीपीएम (BGPM) तीन सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। क्या यह कदम पश्चिम बंगाल की सत्ता को और मजबूत करेगा?
भवानीपुर और नंदीग्राम में ममता की नई रणनीति
ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए TMC की पहली उम्मीदवार सूची जारी की, जिसमें उन्होंने खुद भवानीपुर (Bhabanipur) से चुनाव लड़ने का ऐलान किया। नंदीग्राम (Nandigram) में बीजेपी से TMC में आए पवित्र कर (Pavitra Kar) को प्रत्याशी बनाया गया है, जो पिछले चुनाव में चर्चित रहे इस सीट पर पार्टी की मजबूत पकड़ बनाने की कोशिश है। TMC कुल 294 सीटों में से 291 पर अपनी ताकत आजमाएगी, जबकि दार्जिलिंग हिल्स (Darjeeling Hills) में सहयोगी बीजीपीएम (BGPM) तीन सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने सूची के विवरण देते हुए कहा कि 291 उम्मीदवारों में 52 महिलाएं, 95 एससी-एसटी (SC-ST) और 47 अल्पसंख्यक प्रतिनिधि शामिल हैं, जो पार्टी की समावेशी छवि को मजबूत करता है। कोलकाता पोर्ट (Kolkata Port) से फिरहाद हाकिम (Firhad Hakim), बेलेघाटा (Beleghata) में कुणाल घोष (Kunal Ghosh) और हाबरा (Habra) से ज्योतिप्रियो मल्लिक (Jyotipriyo Mallick) को टिकट दिया गया है। यह चयन न केवल पुराने चेहरों को मजबूत करता है, बल्कि नई ऊर्जा का संचार भी करता है। ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी की हार तय है, जो उनकी आत्मविश्वास को प्रतिबिंबित करता है।

निर्वाचन आयोग पर ममता का तीखा प्रहार
उम्मीदवार सूची जारी करने से पहले ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने निर्वाचन आयोग (Election Commission) पर बीजेपी (BJP) के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आयोग को बीजेपी के लिए सीधे प्रचार करना चाहिए, क्योंकि वह अधिकारियों का तबादला कर रहा है। ईद से ठीक पहले वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले हो रहे हैं, क्या इसका मकसद बंगाल में चुनाव से पहले दंगे भड़काना है? ममता ने बीजेपी की हार का ऐलान करते हुए कहा कि राज्य में उनकी पार्टी की जीत निश्चित है। यह बयान TMC की आक्रामक चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जो केंद्र और राज्य संस्थाओं पर सवाल उठाकर समर्थकों का आधार मजबूत करने की कोशिश करता है। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में TMC का यह रुख विपक्ष को चुनौती देता है। ममता का यह प्रहार न केवल चुनावी माहौल को गर्म करता है, बल्कि उनके समर्थकों में एकजुटता पैदा करता है। आयोग पर आरोप लगाकर TMC ने मुद्दे को जनता के बीच ले जाने की ठान ली है। यह राजनीतिक बयानबाजी चुनावी अभियान का नया दौर शुरू कर सकती है।
महिलाओं, एससी-एसटी और अल्पसंख्यकों पर फोकस! देखिए लिस्ट
सुजापुर सबीना यास्मीन
जंगीपुर जाकिर हुसैन
सागरदिघी बायरन बिस्वास
दिनहाटा उदयन गुहा
सिलीगुड़ी गौतम देव
खगराम आशीष मारजीत
करीमपुर सोहम चक्रवर्ती
कंडी अपूर्व सरकार
सिताई संगीता रॉय बसुनिया
कृष्णानगर उत्तर अभिनव भट्टाचार्य
नवद्वीप पुण्डरीकाक्ष साहा
कृष्णानगर नगर दक्षिण उज्जवल विश्वास
राणाघाट दक्षिण सौगत कुमार बर्मन
कल्याणी अतींद्रनाथ मंडल
हरिन्घाटा राजीव विश्वास
स्वरूपनगर बीना मंडल
राजगंज सपना बर्मन
हबरा ज्योतिप्रिया मल्लिक
अशोकनगर नारायण गोस्वामी
बीजपुर सुबोध अधिकारी
नैहाटी सनत डे
बैरकपुर राज चक्रवर्ती
खरदह देवद्वीप पुरोहित
मेखलीगंज परेश चंद्र अधिकारी बिधान
नगर सुजीत बोस
बारासात सब्यसाची दत्ता
हरोआ मोहम्मद मुफ़्ती अब्दुल मतीन
मिनाखान उषारानी मंडल










