US Airstrike on ISIS in Nigeria: आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में अमेरिका (United States) ने एक बार फिर बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। नॉर्थ-वेस्ट नाइजीरिया (North-West Nigeria) में सक्रिय इस्लामिक स्टेट यानी ISIS के ठिकानों पर अमेरिकी सेना ने रातभर हवाई हमले किए, जिनका वीडियो अब सार्वजनिक कर दिया गया है। इन हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने खुद सोशल मीडिया के जरिए इस ऑपरेशन की पुष्टि की और इसे ईसाइयों की हत्याओं का जवाब बताया। सवाल यह है कि यह कार्रवाई कितनी बड़ी थी, इसके पीछे अमेरिका की रणनीति क्या है और इसका अफ्रीका में सुरक्षा स्थिति पर क्या असर पड़ेगा। जारी किए गए फुटेज और ट्रंप के बयानों ने इस ऑपरेशन को और गंभीर बना दिया है, चलिए जानते हैं पूरा मामला विस्तार से…
नाइजीरिया में ISIS की मौजूदगी और हमले की योजना/US Airstrike on ISIS in Nigeria
नाइजीरिया (Nigeria) के उत्तर-पश्चिमी इलाके लंबे समय से आतंकी गतिविधियों का केंद्र रहे हैं, जहां ISIS से जुड़े गुट सक्रिय बताए जाते हैं। इन संगठनों पर ईसाई समुदाय (Christian Community) को निशाना बनाकर हिंसा और हत्याएं करने के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, हाल के महीनों में इन आतंकी गुटों की गतिविधियों में तेजी आई थी। इसी पृष्ठभूमि में अमेरिका ने इस ऑपरेशन की योजना बनाई। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले सीरिया (Syria) के पल्मायरा (Palmyra) इलाके में अमेरिकी और सीरियाई बलों के काफिले को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। अमेरिका इसे वैश्विक आतंकवाद के नेटवर्क से जोड़कर देख रहा है, जिसके चलते नाइजीरिया में यह बड़ा सैन्य कदम उठाया गया।

एयरस्ट्राइक और जारी किया गया वीडियो
अमेरिकी सेना (US Military) ने बताया कि नॉर्थ-वेस्ट नाइजीरिया (North-West Nigeria) में यह ऑपरेशन पूरी रात चला। कई सटीक हवाई हमलों के जरिए ISIS के ठिकानों, हथियार डिपो और आतंकी ठहराव क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर डिपार्टमेंट ऑफ वॉर (Department of War) ने इन एयरस्ट्राइक्स का फुटेज जारी किया, जिसमें धमाकों और ठिकानों के तबाह होने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। विभाग ने इस अभियान को ‘शक्ति के बल पर शांति’ (Peace Through Strength) का उदाहरण बताया। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इस कार्रवाई में आतंकियों को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, हताहतों की आधिकारिक संख्या साझा नहीं की गई है, लेकिन इसे नाइजीरिया में अमेरिका की अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई बताया जा रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप का बयान और सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर पोस्ट कर इस हमले की जिम्मेदारी ली। उन्होंने कहा कि कमांडर-इन-चीफ के तौर पर उनके निर्देश पर यह हमला किया गया। ट्रंप ने लिखा कि ISIS के आतंकी वर्षों से निर्दोष ईसाइयों की बेरहमी से हत्या कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि पहले भी आतंकियों को चेतावनी दी गई थी कि यदि नरसंहार नहीं रुका, तो गंभीर परिणाम होंगे। ट्रंप ने कहा, “मेरे नेतृत्व में केवल अमेरिका ही ऐसे सटीक और घातक हमले कर सकता है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद को पनपने नहीं देगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
एयरस्ट्राइक के बाद नाइजीरिया (Nigeria) में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और हालात पर नजर रखी जा रही है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जो सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस कार्रवाई से ISIS को बड़ा झटका लगा है, लेकिन इससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ने की आशंका भी है। फिलहाल, अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि ईसाई समुदाय पर हमलों को वह सीधे चुनौती के रूप में लेगा। आने वाले दिनों में इस ऑपरेशन के असर और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाओं पर दुनिया की नजरें टिकी रहेंगी, क्योंकि यह कदम अफ्रीका में अमेरिकी सैन्य भूमिका को एक नए स्तर पर ले जाता है।










