Raebareli : रायबरेली जिले में दिनाँक 12 जनवरी 2026 दिन सोमवार को समय करीब 6 बजे सलोन कोतवाली क्षेत्र से जुड़े एक विवाद ने बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। बजरंग दल के जिला संयोजक विनोद मौर्य के साथ कथित पुलिसिया बदसलूकी और मारपीट के विरोध में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ता डिग्री कॉलेज चौराहे (शहीद चौक) पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। यह धरना पिछले दो दिनों से जारी है और संगठनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मुख्य मांग पूरी नहीं होती, तब तक यह आंदोलन नहीं रुकेगा।
मामला गोकशी (गौहत्या) से जुड़े एक मामले में गवाह बजरंग दल नेता विनोद मौर्य का है। कोर्ट से गैर जमानती वारंट (NBW) जारी होने के बाद सलोन पुलिस की टीम रात करीब 12 बजे उनके घर पहुंची। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें घर से घसीटकर थाने ले जाया, रजाई ओढ़ाकर पीटा और अपमानजनक व्यवहार किया। इस घटना के बाद विनोद मौर्य और संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध शुरू किया।

धरने में शामिल प्रमुख नेता और कार्यक्रम,धरने के पहले दिन उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह धरना स्थल पहुंचे और प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया।दूसरे दिन ऊंचाहार विधायक मनोज पांडे ने धरना स्थल पर पहुंचकर पीड़ित को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।धरना स्थल पर बुद्धि शुद्धि यज्ञ हवन और जाप का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें विहिप-बजरंग दल के कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रांत उपाध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद रामगोपाल त्रिपाठी ने बाइट में कहा कि पुलिस की कार्रवाई अपर्याप्त है और अगर मांगें नहीं मानी गईं तो धरना बड़ा रूप लेगा, जिसकी जिम्मेदारी रायबरेली पुलिस प्रशासन की होगी।
पुलिस की कार्रवाई
विवाद बढ़ने पर रायबरेली पुलिस अधीक्षक ने त्वरित एक्शन लिया:करहिया चौकी इंचार्ज (प्रभारी) का तबादला कर उन्हें लालगंज कोतवाली में तैनात किया गया। मुख्य आरक्षी समेत दो-तीन सिपाहियों को लाइन हाजिर किया गया। जांच ASP को सौंपी गई, जिसमें पुलिसकर्मियों की कार्यशैली दोषपूर्ण पाई गई। हालांकि, प्रदर्शनकारी इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनकी मुख्य मांग सलोन कोतवाल राघवन सिंह के निलंबन या लाइन हाजिर करने की है। संगठन का कहना है कि कोतवाल पर सीधे मारपीट और अपमान का आरोप है, इसलिए बाकी कार्रवाई अपर्याप्त है।
वर्तमान स्थिति
धरना अनिश्चितकालीन है और यदि मांग पूरी नहीं हुई तो इसे और तेज करने की चेतावनी दी गई है। पुलिस प्रशासन ने राहत देने की कोशिश की है, लेकिन संगठन अडिग हैं। यह मामला रायबरेली में कानून-व्यवस्था और हिंदुत्व संगठनों के बीच तनाव को दर्शाता है। स्थिति पर नजर बनी हुई है।










