संभल/चंदौसी : सर्वण समाज के लोगों का कहना है कि यूजीसी (UGC) के नए नियम शिक्षा व्यवस्था में भेदभाव को बढ़ावा देने वाले थे, जिससे सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के हित प्रभावित हो रहे थे। सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए नए नियमों पर रोक लगाना और 2012 के पुराने नियमों को लागू रखने का आदेश देना न्याय की जीत है।
इस मौके पर व्यापारी नेता अनुज वार्ष्णेय अन्नू ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला शिक्षा में समानता और न्याय को मजबूत करने वाला है। यूजीसी (UGC) के नए नियम सामान्य वर्ग के छात्रों के भविष्य के लिए घातक साबित हो सकते थे, लेकिन कोर्ट ने समय रहते हस्तक्षेप कर युवाओं के हितों की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय लोकतंत्र और संविधान की भावना के अनुरूप है।

वहीं अभिनव शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने निष्पक्षता का परिचय देते हुए सही समय पर फैसला दिया है। यह आदेश साबित करता है कि न्यायपालिका आम नागरिकों की आवाज को गंभीरता से सुनती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे केंद्र सरकार कोई भी नियम या कानून बनाते समय सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखेगी, ताकि समाज में किसी भी प्रकार की असमानता न पनपे।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी का भी उल्लेख किया, जिसमें जातिविहीन समाज की ओर बढ़ने की बात कही गई। लोगों ने कहा कि यदि भविष्य में भी शिक्षा व्यवस्था या समाज को बांटने वाला कोई निर्णय लिया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे। बिसौली गेट पर हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और फैसले को ऐतिहासिक बताया।
भाई संख्या में लोग मौजूद रहें सागर गुप्ता आचार्य तऋतुपर्ण शर्मा, राजीव मिश्रा, निशांत शर्मा, अभिनव शर्मा शाह आलम मंसूरी आदित्य कान्त , सागर गुप्ता, सुधीर मिश्रा मनोज कुमार, विकास मिश्रा, विकास उपाध्याय, गौरख शंखधर सौरभ शर्मा ओमवीर सिंह गौरव शर्मा, अर्पित आदि लवित वार्ष्णेय एड अतुल अग्रवाला राजीव अग्रवाल, प्रवीन अग्रवाल आशीष तूफानी, सौरभ शर्मा आदि मौजूद रहे










