Vitamin Deficiency Leg Pain: रात में पैरों में ऐंठन और जलन? 90% लोगों को यही विटामिन की कमी होती है

Vitamin Deficiency Leg Pain:शाकाहारी हैं तो एक बार जरूर पढ़ें,पैरों के दर्द की ये खतरनाक सच्चाई

Vitamin Deficiency Leg Pain:आजकल बहुत से लोग पैरों में दर्द, झनझनाहट, जलन, ऐंठन या रात में पैरों में अकड़न की शिकायत करते हैं। डॉक्टर के पास जाते हैं तो ज्यादातर दवा दे दी जाती है, लेकिन दर्द बार-बार लौट आता है। असल में बहुत सारे मामलों में पैरों के इस दर्द की जड़ कोई हड्डी या नस की समस्या नहीं, बल्कि हमारे शरीर में कुछ खास विटामिन की कमी होती है।

सबसे बड़ा दोषी: विटामिन B12 की कमी/Vitamin Deficiency Leg Pain

भारत में पैरों में दर्द होने का सबसे आम कारण विटामिन B12 की कमी है। शुद्ध शाकाहारी लोग (जो अंडा भी नहीं खाते), बुजुर्ग, डायबिटीज के मरीज, लंबे समय तक एसिडिटी की दवा (जैसे Pantocid, Rantac) खाने वाले और पेट की बीमारी वाले लोगों में यह कमी बहुत तेजी से होती है।

विटामिन B12 हमारे नसों को ढकने वाली म्यान (myelin sheath) बनाने में मदद करता है। जब यह कमी हो जाती है तो नसें कमजोर पड़ जाती हैं और पैरों में ये लक्षण दिखने लगते हैं:

  • पैरों में जलन या सुई चुभने जैसा दर्द
  • झनझनाहट (pins and needles sensation)
  • रात में पैरों में ऐंठन
  • चलते समय पैर सुन्न पड़ जाना
  • संतुलन बिगड़ना, लड़खड़ाहट

दूसरे नंबर पर: विटामिन D की कमी

विटामिन D की कमी से हड्डियाँ कमजोर होती हैं और मांसपेशियों में भी दर्द होता है। खासकर जांघों, घुटनों और पिंडलियों में भारीपन व दर्द रहता है।
भारत में 70-90% लोगों में विटामिन D की कमी पाई जाती है क्योंकि हम धूप से दूर रहते हैं।
लक्षण:

  • सुबह उठते ही पैरों में भारीपन
  • सीढ़ी चढ़ने में दिक्कत
  • हड्डियों में लगातार दर्द
  • बार-बार मोच आना

तीसरा अहम विटामिन

विटामिन B1 (थायमिन)
शराब पीने वाले, डायबिटीज के मरीज और बहुत ज्यादा चाय-कॉफी पीने वालों में विटामिन B1 की कमी हो जाती है। इससे भी पैरों में जलन और दर्द होता है।

विटामिन B6 की कमी या ज्यादा होना

अजीब बात है कि B6 की कमी भी पैरों में दर्द कराती है और बहुत ज्यादा B6 लेने से भी वही दर्द हो सकता है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के B-कॉम्प्लेक्स की ज्यादा खुराक नहीं लेनी चाहिए।

फोलिक एसिड (विटामिन B9) की कमी

गर्भवती महिलाओं और खून की कमी वाले लोगों में फोलिक एसिड कम होने से भी पैरों में दिक्कत आती है। यह अक्सर B12 की कमी के साथ होती है।

कौन से टेस्ट करवाने चाहिए?

अगर आपको पैरों में लंबे समय से दर्द है तो ये ब्लड टेस्ट जरूर करवाएं:

  1. Serum Vitamin B12
  2. Serum Vitamin D (25-OH Vitamin D)
  3. Serum Folic Acid
  4. CBC (खून की कमी देखने के लिए)
  5. Blood Sugar (डायबिटीज भी नसों को खराब करती है)

इलाज कितना आसान है

अगर कमी पकड़ में आ जाए तो इलाज बहुत आसान और सस्ता है:

  • विटामिन B12 की कमी → 7-10 इंजेक्शन (जैसे Neurobion, Nurokind) और फिर गोलियाँ
  • विटामिन D की कमी → हफ्ते में एक पाउच (60,000 IU) 8-12 हफ्ते तक
    90% मरीजों को 1-2 महीने में ही बहुत आराम मिल जाता है। घरेलू उपाय क्या करें?
  • सुबह 20-30 मिनट धूप जरूर लें
  • दूध, दही, पनीर, अंडा, मछली खाएं
  • हरी पत्तेदार सब्जियाँ ज्यादा लें
  • बादाम, अखरोट, सूरजमुखी के बीज खाएं
  • शराब और स्मोकिंग छोड़ें

कब डॉक्टर के पास तुरंत जाएं?

अगर पैरों के साथ ये लक्षण हों तो देर न करें:

  • पैरों में कमजोरी आना
  • चलने में बहुत दिक्कत
  • हाथों में भी झनझनाहट
  • बार-बार गिरना

यह स्थायी नसों की क्षति (neuropathy) के संकेत हो सकते हैं।

निष्कर्ष

पैरों का दर्द अक्सर लोग हड्डी या गठिया समझकर सालों तक दवा खाते रहते हैं, जबकि असल वजह सिर्फ एक छोटी-सी विटामिन की गोली होती है। इसलिए अगली बार अगर पैरों में अजीब सा दर्द हो तो पहले विटामिन B12 और D का टेस्ट जरूर करवाएं। ज्यादातर मामलों में यही कमी निकलती है और इलाज से जिंदगी बदल जाती है।

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