रायबरेली : रास्ते में पड़े मिले 2 लाख रूपयों से भरे बैग को वापस लौटने वाले दवा व्यवसाई को जिले के पुलिस अधीक्षक ने सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया है, जो पूरे जनपद में चर्चा का विषय बन गया है। आप अखबार में छपी इस तस्वीर को जरा गौर से देखिए, ये वो सख्श हैं जिनका ईमान रुपयों की गड्डियों को देखकर भी नहीं डोला है। रुपयों से भरा बैग देख कर इसकी सूचना न्याय प्रिय पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह को दिया जिनके द्वारा तहकीकात कर रुपयों का बैग असल मालिक के हाथों सौप दिया गया। वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधेड़ को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया है। बताते चलें कि सदर कोतवाली क्षेत्र के हिमांशु बाजपेई ने कुछ ऐसा ही मिसाल पेश की है। हिमांशु नाम के समाजसेवी को स्कूटी व रूपयों से भरा एक बैग मिला जिसमें 180000 सहित अन्य दस्तावेज मौजूद थे। लेकिन इस पैसों को रखने की जगह, उन्होंने पुलिस की मदद से इस बैग को उसके मालिक को लौटा दिया। अब सभी ओर हिमांशु बाजपेई की ईमानदारी की चर्चा हो रही है। जानकारी के अनुसार हिमांशु बाजपेई निवासी राणा नगर गुरुवार को शाम को सत्य नगर स्थित अपने प्लाट पर बने मंदिर में पूजा करने गए थे। जहां उन्होंने एक स्कूटी खडी देखी। जिसमें चाबी भी लगी हुई थी। पूजा करने के उपरांत उन्होंने आसपास पड़ोस में लोगों से स्कूटी की जानकारी करी तो उन्हें पता चला कि यह स्कूटी दोपहर से वही खड़ी हुई है और अभी तक कोई भी व्यक्ति से लेकर नहीं गया है। हिमांशु वाजपेई ने बताया कि गाड़ी में एक काले रंग का बैग भी टंगा हुआ था। काफी खोज बीन के बाद भी जब गाड़ी मालिक का कोई पता नहीं चला तो वह उसे बैग को लेकर पुलिस अधीक्षक आवास पहुंच गए। जहां उन्होंने पूरी घटना की जानकारी पुलिस अधीक्षक के पीआरओ को दी । जिसके बाद पुलिस अधीक्षक के पीआरओ ने सदर कोतवाली में घटना की सूचना सदर कोतवाल को दी। सदर कोतवाल द्वारा बैग को अपने कब्जे में लेकर गाड़ी मालिक की खोजबीन चालू करी गई । खोजबीन मे पता चला कि यह बैग सत्य नगर निवासी डॉक्टर पार्थ श्रीवास्तव का है। पूछताछ में पार्थ श्रीवास्तव ने बताया कि वे मानसिक रूप से परेशान चल रहे हैं और कल अपनी पत्नी के इलाज के लिए उन्होंने अपने पिता जी से 1 लाख 80 हजार रुपए लिए थे और इन रुपयों को लेकर वे लखनऊ जा रहे थे । लघु शंका के लिए अपनी स्कूटी को खड़ा करें और उसके बाद वह दोबारा स्कूटी और अपना पैसे से भरा बैग ले जाना भूल गए । पूरी घटना की सूचना जब पुलिस अधीक्षक को हुई तो उन्होंने रूपयों से भरा बैग पाने वाले हिमांशु बाजपेई को आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय बुलाकर प्रशस्ति पत्र और रूपये से भरा बैग उसके असली मालिक को दिलवाया ।











