सियासी जंग का मैदान बनी मैनुपुर ग्राम की वर्षो से जर्जर पड़ी रोड़

दो नेताओं के वर्चस्व की लड़ाई के चलते दम तोड़ रहा है इस गांव का विकास
जर्जर रोड़ को बनवाने के लिए सांसद राहुल गांधी की तस्वीर लगाकर किया प्रदर्शन

ब्यूरो रिपोर्ट : शिवा मौर्य

रायबरेली सदर तहसील क्षेत्र के अमावां ब्लाक के अंतर्गत 30 वर्षो से जर्जर सड़क को बनवाने के लिए ग्रामीण कटिबद्ध है। इसके लिए यहां के जिला पंचायत अध्यक्ष,विधायक से लेकर प्रभारी मंत्री से लेकर सांसद और जिलाधिकारी से लेकर उप जिला अधिकारी तक तमाम अधिकारियों को सैकड़ो प्रार्थना पत्र दिए गए,लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की, थक हारकर ग्रामीणों ने कई बार धरना प्रदर्शन किया वोट बहिष्कार किया लेकिन फिर भी सड़क नहीं बनी इसी को लेकर आज टेंट लगाकर या बड़े स्तर पर राहुल गांधी की तस्वीर बैनर में लगाकर प्रदर्शन किया और सड़क को बनवाए जाने की मांग की गई। गुरुवार को मैनुपुर ग्रामसभा के सैकड़ो लोगों ने आज इस जर्जर और बदहाल जानलेवा सड़क पर, टेंट लगाकर धरना प्रदर्शन किया हैं। इस दौरान कांग्रेसी नेता का भी जमावड़ा रहा और प्रदर्शन की सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार को संबोधित ज्ञापन भी सौपा गया। यह कोई पहली बार नहीं हुआ है। ऐसा कई बार हो चुका है। लेकिन समस्या जैसी की तैसी इस ग्राम सभा की बनी हुई है। दरअसल लोकसभा चुनाव, 2024 के दौरान यहां सड़क न बनाए जाने को लेकर ग्रामीणों ने मतदान के दिन मतदान का बहिष्कार किया। जिसको लेकर बहिष्कार वाले दिन सैकड़ों लोग पहुंचे, वर्तमान उप जिला अधिकारी यहां उत्तर प्रदेश सरकार में उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह भी यहां पहुंचे थे और देर शाम यहां जिले के सांसद राहुल गांधी भी पहुंचे थे और ग्रामीणों को सड़क बनवाई जाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन चुनाव भी हो गया, राहुल गांधी सांसद भी हो गए और नेता प्रतिपक्ष भी बन गए लेकिन विकास अभी तक यहां का अधूरा है। सांसद राहुल गांधी ने दिशा की बैठक में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि दो नेताओं की बीच की आपसी रंजिश के चलते इस गांव का विकास अधूरा पड़ा हुआ है।

मैनुपुर निवासी कौशल कुमार मिश्रा ने बताया कि आज यहां टेंट लगाकर धरना प्रदर्शन किया गया है। कहा जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने मतदान बहिष्कार के दिन स्वयं पत्र पर लिख कर दिया था।कि आप लोग मतदान करिए मतदान के बाद आपकी सड़क जरूर बन जाएगी। ऐसा अधिकारियों समेत दोनों नेताओं ने भी कहा था। लेकिन एक वर्ष बीत गया है। अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है करीव 5 किलोमीटर की यह यह सड़क बन नहीं पाई है। जिसकी वजह से यहां बेटियों की शादियां नहीं होती हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं। एंबुलेंस नहीं आ पाती हैं डायल 112 नहीं आ पाती है ऐसे कई सुविधाएं हैं। जो यहां ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पाती हैं। बेटी पर आने वाले कहते हैं कि आपके गांव की सड़क अच्छी नहीं है। इसलिए हम यहां नहीं ब्याह करेंगे इस जर्जर सड़क के चलते अब तक दो लोगों की मौत भी हो चुकी है और दो दर्जन से अधिक लोग इस सड़क में गिरकर घायल भी हो चुके हैं कुछ हॉस्पिटल में कुछ घर पर ही इलाज कर रहे हैं। एकत्रित हुए दर्जनों ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से यही मांग की है कि जब तक उनके गांव का विकास और सड़क नहीं होता है। तब तक वह अपनी न्याय की आवाज को बुलंद रखेंगे। यहां के रहने वाले पूर्व प्रधान निर्मल ने बताया कि सड़क बनवाने की मांग को लेकर अधिकारी गुमराह कर रहे हैं सांसद राहुल गांधी और उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान मंत्री के बीच चल रही चुनावी रंजिश और हार जीत का मनमुटाव भी विकास नहीं होने दे रहा है। ईसी गांव के रहने वाले योगेश मिश्रा ने बताया कि, जिले का कोई भी ऐसा अधिकारी नहीं होगा नेता विधायक मंत्री तक शिकायत की गई है यहां तक की सदर विधायक अदिति सिंह से भी इस रोड को बनाए जाने की मांग की गई थी लेकिन रोड नहीं बनी। जिला पंचायत के अधिकारी ना तो किसी और संस्था को रोड बनवाने के लिए एनओसी दे रहे हैं। ग्रामीणों के बयानों से लगता है कि यह गांव ऐसे ही विकास से अछूता रहेगा। ना तो इस गांव का सफाई कर्मी आता है ना ही इस गांव में सफाई होती है।

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