वानर सेना की सेवा! जिले के संकटग्रस्त परिवारों की उम्मीद बनकर उभरी धीरज सिंह

रायबरेली जिले में वानर सेना के पदाधिकारी लगातार जनपद के लोगों के लिए और उन परिवारों के लिए रामबाण साबित हो रहे हैं, जो अपने परिजनों का इलाज करने में सक्षम नहीं है। सेना के पदाधिकारियों ने 24 घंटे में एक और परिवार के लिए रामबाण साबित हुए एक ही घर से अलग-अलग जगह पर भर्ती मरीज को एकत्रित कर दी गई आर्थिक धनराशि। बताते चलें कि सतांव ब्लॉक के कोरिहर गांव में वानर सेना एक बार फिर जरूरतमंद परिवार के लिए संजीवनी बनकर सामने आई है। वानर सेना के अध्यक्ष धीरज सिंह चौहान के नेतृत्व में संगठन ने न केवल लोगों की जान बचाने का कार्य किया है, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की एक मिसाल भी कायम की है। इस बार वानर सेना ने कोरिहर गांव के धर्मपाल कुशवाहा के परिवार को संकट के समय में आर्थिक और भावनात्मक सहारा प्रदान किया है, जिससे उनकी पत्नी और बहू के इलाज में मदद मिली। धर्मपाल कुशवाहा के परिवार पर दोहरी मुसीबत टूट पड़ी थी। धर्मपाल कुशवाहा का परिवार इस समय अभूतपूर्व संकट से गुजर रहा है। उनकी पत्नी को टीबी (ट्यूबरक्लोसिस) की गंभीर बीमारी के कारण रायबरेली के एम्स में भर्ती कराया गया है। वहीं उनकी बहू, सोनाली, प्रसव संबंधी जटिलताओं के कारण लखनऊ के केजीएमयू (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) में इलाज रत हैं। एक ही परिवार पर एक साथ दो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकट टूट पड़ने से धर्मपाल और उनका परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुका था।ऐसे में वानर सेना ने उनकी मदद के लिए कदम बढ़ाया और सहायता की एक नई मिसाल कायम की। वानर सेना के अध्यक्ष धीरज सिंह चौहान के सहयोग से धर्मपाल कुशवाहा के परिवार के लिए लगभग 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। यह राशि परिवार के लिए किसी रामबाण से कम नहीं थी, क्योंकि इससे उनकी पत्नी और बहू के इलाज में महत्वपूर्ण मदद मिली। धीरज सिंह ने स्पष्ट किया कि यह अभियान यहीं नही रुकेगा, लेकिन भविष्य में यदि परिवार को और सहायता की आवश्यकता होगी, तो वानर सेना फिर से उनके साथ खड़ी होगी। वानर सेना: सिर्फ नाम नहीं, उम्मीद का सहारा है वानर सेना का यह प्रयास पहली बार नहीं है। संगठन ने अब तक रायबरेली और आसपास के क्षेत्रों में दर्जनों परिवारों की मदद की है, जिनमें कई लोगों की जान बचाने में सफलता प्राप्त की है। धीरज सिंह चौहान की अगुवाई में वानर सेना ने हमेशा यह साबित किया है कि जब भी कोई परिवार संकट में होता है, तो वह सिर्फ नाम की सेना नहीं, बल्कि वास्तव में एक परिवार की तरह सहारा बनकर खड़ी होती है। धर्मपाल कुशवाहा के परिवार की मदद इसका जीवंत उदाहरण है। संगठन ने न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की, बल्कि परिवार को यह भरोसा भी दिलाया कि वे इस मुश्किल घड़ी में अकेले नहीं हैं। बल्कि समाज में यह संदेश भी दिया कि मानवता और सहयोग की भावना अभी भी जीवित है। धीरज सिंह चौहान ने कहा, “जब तक समाज में एक भी व्यक्ति संकट में होगा, वानर सेना उसकी मदद के लिए तत्पर रहेगी। हमारा उद्देश्य सिर्फ आर्थिक मदद करना नहीं, बल्कि लोगों को यह विश्वास दिलाना है कि वे अकेले नहीं हैं। मदद करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।इस नेक काम में सहयोगी में व्यवसाई हरिहर सिंह, पूर्व विधायक राकेश सिंह, धीरज चौहान अध्यक्ष, विकास सिंह, अभिवेक सर, वरूणेन्द्र, प्रांशू, राजा, अंश, आदि देवदूत थे।

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