फर्जी कंपनी की आड़ में नौकरी का झांसा देकर युवाओं को ठगने वाले गिरोह का पुलिस ने किया भंडाफोड़ । एसओजी, सर्विलांस और कटरा कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए 14 लोगों को किया गिरफ्तार । युवाओं से वसूले गए अभियुक्तों के बैंक खाते में रखे गए 8 लाख रुपए को किया गया सीज। लैपटॉप, स्कैनर, प्रिंटर 10 मोबाइल फोन और 3 मोटरसाइकिल को भी किया गया बरामद, एसपी सिटी ने पत्रकार वार्ता करते हुए किया खुलासा ।
मीरजापुर के कटरा कोतवाली क्षेत्र के जंगी रोड, ककरहवा में लीड विजन ट्रेडिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम से एक कार्यालय खोला गया था । कंपनी की आड़ में विभिन्न प्रदेशों के युवाओं को नौकरी का झांसा देकर बुलाया जाता था और उनसे 24000 जमा करने के बाद ट्रेनिंग और अन्य कार्यों के नाम पर उन्हें बंधक बना लिया जाता था। जब युवक नौकरी की बात करते थे तो उनको डराया और धमकाया जाता था साथ ही बिना पहचान के कंपनियों के बने सौंदर्य प्रसाधन के सामानों को बेचकर उनसे मिलने वाले कमिशन से अपने दिए हुए रुपए वापस पा सकते हो। कंपनी को चलाने वाले लोग युवाओं से यह भी कहते थे कि अपनी तरह दूसरे युवाओं को नौकरी का लालच देकर फंसाओ तब तुम्हे और ज्यादा कमिशन मिलेगा। कंपनी द्वारा ऑफिस से दूर उनके जाल में फंसे गए युवाओं को रखने के लिए एक छोटा कमरा किराए पर लिया गया था। नौकरी के नाम पर ठगी का शिकार हुए एक कानपुर जनपद निवासी युवक की शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कंपनी से जुड़े 14 लोगों को गिरफ्तार की है एसपी सिटी ने खुलासा करते हुए बताया कि कक्षा 8 और 10 पास विभिन्न प्रदेश और जिलों के रहने वाले 14 युवकों द्वारा यह ठगी का गोरखधंधा चलाया जा रहा था।

इस तरह फर्जी कंपनी बनाकर नौकरी का स्वप्न दिखाकर कई जिलों से आने वाले युवकों से 24 000 वसूला जाता था और उनको सस्ते सौंदर्य प्रशासन देकर उसे बेचने पर जोर दिया जाता था कंपनी के लोग युवकों से कहते थे कि इसे बेचकर कमीशन पाव और इसे ही नौकरी समझो जब युवक अपना रुपया वापस मांगते थे, तो कंपनी के कर्मचारी उन्हें डरते और धमकाते थे कंपनी के लोग नौकरी के झांसी में फंसे युवकों से अपने तरह ही दूसरे लोगों को फसाने की बात भी कहते थे। गिरफ्तार सभी आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है और इनके पास से बरामद सामनों की जांच विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ से कराने के साथ ही कंपनी की भी गहराई से जांच किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि और कहां-कहां इस तरह की फ्रॉड कंपनी खोली गई है, कौन-कौन से लोग इस कंपनी से जुड़कर इस गोरख धंधे को चलाने का कार्य अभी भी कर रहे हैं।










