Nasha Mukti : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान से अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जनपद न्यायाधीश, रायबरेली के निर्देशन में सिद्धार्थ पब्लिक इण्टर कालेज, अशोक नगर, रतन्सीपुर, ब्लाक राही रायबरेली में नशा मुक्ति उन्मूलन विषय पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
इस शिविर में संचालक शिवनारायण मौर्य मध्यस्थ एडवोकेट द्वारा विद्यार्थियों को नशे की लत से दूर रहने की सलाह दी गयी तथा समाज में फैलते युवाओं में नशे में रोकने के लिए भी प्रयास किये जाने संदर्भ में भी विद्याथियों को जागरूक करने का प्रयास किया गया। इस शिविर में उपस्थित मुख्य अतिथि के रूप में अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायबरेली अनुपम शौर्य द्वारा अवगत कराया गया कि सभी प्रकार के नशीले पदार्थों एवं उनके प्रभाव व देश में चल रहे नशा मुक्त भारत अभियान के संबंध में विस्तृत रूप से बताया गया। उन्होंने यह भी बताया कि नशे के प्रति सभी आयु के लोगों को विशेष रूप से युवाओं को शराब पीने, धुमपान करने, नशीले दवाओं, तम्बाकू, गुटखा की लत से दूर रहना आवश्यक है। इन नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव के संदर्भ में भी व्यापक रूप से जानकारी दी गयी।

उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 47 में राज्य को निर्देशित किया गया है कि आमजन को नशीले पदार्थों के प्रयोग से सरकारी नीतियों के जरिये प्रतिबन्धित किया गया तथा मात्र चिकित्सकीय प्रयोजन हेतु नशीले पदार्थों का प्रयोग किया जाना अनुमन्य है। उन्होंने यह भी बताया कि नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ अधिनियम, 1985 को तिथि 14 नवम्बर 1985 को लागू किया गया था इसमें सभी नशीले पदार्थों को आमजन के प्रयोग हेतु प्रतिबन्धित किया गया था। इस अधिनियम के अन्तर्गत ही नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो की स्थापना मार्च 1986 में की गयी थी जो कि एन०डी०पी०एस० अधिनियम कार्यान्वयन एवं नारकोटिक अवैध व्यापार पर नजर रखता है। तम्बाकू अधिनियम-2003 के अन्तर्गत सार्वजनिक स्थानों जैसे शिक्षण संस्थायें, होटल, मॉल, मार्केट व कार्य स्थलों पर धूमपान को पूर्व रूप से प्रतिबन्धित किया गया है। धारा-5 के अन्तर्गत अवयस्कों को तम्बाकू बेचे जाने को भी प्रतिबन्धित किया गया है व धारा-6 के अन्तर्गत शिक्षण संस्थाओं से 100 गज की दूरी तक ऐसे किसी पदार्थों की दुकान न होने के संदर्भ में प्रावधान किया गया है। धारा-7 के अन्तर्गत प्रत्येक तम्बाकू उत्पाद पर स्वास्थ्य चेतावनी का अंकित होना भी अनिवार्य किया गया है। उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों नशा मुक्त भारत अभियान, युद्ध नशे के विरूद्ध जैसे कार्यक्रमों के संबंध में भी विस्तृत रूप से अवगत कराया गया। इस कार्यक्रम के अन्त में सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को जनपद रायबरेली को नशा मुक्त करने के संबंध में शपथ भी दिलायी गयी।
कार्यक्रम में विद्यालय के संस्थापक रामपाल मौर्य, प्रबन्धक राजेश कुमार मौर्य, प्रधानाचार्य दिनेश कुमार मौर्य एवं पराविधिक स्वयं सेवक सुमन व राजेश उपस्थित रहे।










