एचईसी धुर्वा में मूसलाधार बारिश के बीच भी जला अहंकार का प्रतीक रावण, गूंज उठे जय श्रीराम” और “सत्य की विजय” के नारे

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने रावण का जबकि समिति के मुख्य संरक्षक आलोक दूबे ने कुम्भकर्ण का पुतला दहन किया

  1. अच्छाई की जीत का संदेश समाज तक पहुंचना चाहिए : सुबोधकांत सहाय
  2. रावण दहन सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक : आलोक दुबे

भारी बारिश के बावजूद रांची के एचईसी धुर्वा शालीमार बाजार में आयोजित विजयादशमी महोत्सव में हजारों लोग उमड़े और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक रावण दहन संपन्न हुआ। पूर्व केंद्रीय मंत्री भारत सरकार सुबोध कांत सहाय ने रावण का पुतला दहन किया, जबकि समिति के मुख्य संरक्षक और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कुंभकर्ण का पुतला दहन किया।

मूसलाधार बारिश ने उत्साह को ज़रा भी कम नहीं किया, बल्कि लोगों की आस्था और भी प्रबल होकर सामने आई। जैसे ही रावण धधकते अग्नि में जलकर राख हुआ, पूरे मैदान में “जय श्रीराम” और “सत्य की विजय” के नारे गूंज उठे। इस दृश्य ने मानो यह संदेश दिया कि बारिश भी सत्य की राह को नहीं रोक पाई और अंततः असत्य का अंत हुआ।

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इस अवसर पर भारी जनसमूह ने उपस्थिति दर्ज की और आतिशबाज़ी एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच रावण दहन का ऐतिहासिक दृश्य देखा। 2 लाख से अधिक लोग रावण दहन समारोह में उपस्थित हुए। पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने अपने संबोधन में कहा कि “विजयादशमी का यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह हमें हर परिस्थिति में सत्य, न्याय और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। समाज में जब तक अच्छाई को महत्व मिलेगा, तब तक बुराई पराजित होती रहेगी।” उन्होंने आगे कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में भाईचारे, प्रेम और आपसी एकता की भावना मज़बूत होती है। समिति के मुख्य संरक्षक आलोक कुमार दूबे ने अपने उद्बबोधन में कहा कि “रावण दहन सिर्फ एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह हमें यह याद दिलाता है कि यदि हम सब मिलकर बुराइयों का विरोध करें तो किसी भी चुनौती का सामना आसानी से किया जा सकता है। यह पर्व सामाजिक एकता, सामूहिक चेतना और मानवीय मूल्यों को सशक्त करने का अवसर है।

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समिति के अध्यक्ष संजीत यादव ने कहा कि इस आयोजन को भव्य और सफल बनाने में समिति के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, सुरक्षा बलों और स्थानीय जनता का अभूतपूर्व योगदान रहा। आम नागरिकों के उत्साह और सहयोग के बिना यह संभव नहीं हो पाता। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा है कि अच्छाई हमेशा बुराई पर विजय प्राप्त करती है। रावण दहन समारोह में रांची और आसपास के इलाकों से हजारों लोगों ने भाग लिया। आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। समिति की ओर से सभी आगंतुकों और सहयोगियों का धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया गया। समारोह का संचालन रंजन यादव एवं श्रवण यादव ने किया।

समारोह को सफल बनाने में मेहुल दूबे, राहुल तिवारी, परमेश्वर राम, नीतू देवी, उर्मिला यादव, विशाल सिंह, राजेश कुमार यादव, अनिकेत कुमार, अमित राय, मंटू यादव, राहुल कुमार बिट्टू, शुभम पंडित, संतोष पाठक, बबलू टाइगर मुख्य रुप से योगदान दिया।

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