Jharkhand State Brick Manufacturers Association : झारखंड प्रदेश ईंट निर्माता संघ ने झारखंड की ईंट उद्योग में टिकाऊ समाधान में बढ़ाया कदम

आशीर्वाद बैंक्वेट हॉल, रांची में गुड ब्रिक्स टेक्नोलॉजी सेमिनार का आयोजन, गुड ब्रिक्स की विशेष बिना आग वाली मिट्टी आधारित ईंट निर्माण तकनीक प्रस्तुत की गई

  1. झारखंड के विभिन्न जिलों से आए 130 से अधिक ईंट भट्ठा मालिकों, ठेकेदारों और निर्माताओं ने कार्यक्रम में लिया हिस्सा

Jharkhand State Brick Manufacturers Association : कोरिया की पर्यावरण अनुकूल ईंट निर्माण तकनीक गुड ब्रिक्स (Good Bricks) ने झारखंड प्रदेश ईंट निर्माता संघ (JPBMA) के साथ मिलकर आशीर्वाद बैंक्वेट हॉल, रांची में एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए 130 से अधिक ईंट भट्ठा मालिकों, ठेकेदारों और निर्माताओं ने भाग लिया। यह आयोजन राज्य में सतत निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

इस सेमिनार में गुड ब्रिक्स की विशेष बिना आग वाली मिट्टी आधारित ईंट निर्माण तकनीक प्रस्तुत की गई, जिसमें कोयले की भट्टियों की आवश्यकता नहीं होती। यह तकनीक न केवल कार्बन उत्सर्जन को कम करती है बल्कि मजबूत, सस्ती, टिकाऊ और एकसमान ईंटें तैयार करती है।

कार्यक्रम की शुरुआत अनंता नाथ सिंह, अध्यक्ष, JPBMA द्वारा स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने झारखंड में नवाचार और पर्यावरण हितैषी विकल्पों की आवश्यकता पर बल दिया। गुड ब्रिक्स साउथ एशिया के टेक्निकल डायरेक्टर रमेश न्यौपाने ने तकनीक, उत्पादन प्रक्रिया, आर्थिक लाभ और पर्यावरणीय प्रभाव पर विस्तृत जानकारी दी तथा प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर दिए।

सेमिनार का समापन JPBMA के महासचिव अभय नारायण तिवारी के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। उन्होंने बताया कि झारखंड में गुड ब्रिक्स की शुरुआत होना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य में पारंपरिक ईंटों पर सरकारी नियंत्रण और लगभग 33% वन क्षेत्र होने के कारण यह पहल पर्यावरण के लिए अत्यंत उपयुक्त है। कार्यक्रम के बाद प्रतिभागियों ने टेपे, ओरमांझी स्थित गुड ब्रिक्स फैक्ट्री का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने उत्पादन प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा और नमूना ईंटें प्राप्त कीं।

सेमिनार में झारखंड के सभी जिलों से आए JPBMA सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान 40 से अधिक ईंट भट्ठा मालिकों ने गुड ब्रिक्स तकनीक अपनाने हेतु सहमति पत्र (LOI) पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर जमशेदपुर, धनबाद, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, चाईबासा, चक्रधरपुर, साहेबगंज, दुमका और गुमला जिलों के अध्यक्ष और महासचिव भी उपस्थित रहे।

इननोसीएसआर (InnoCSR) के सीईओ सैम यूनसुक ली ने कहा, JPBMA के साथ हमारा यह सहयोग झारखंड की ईंट उद्योग में हमारी टिकाऊ तकनीक को लाने की दिशा में एक अहम कदम है। हमें यह देखकर खुशी है कि निर्माता स्वच्छ और लाभदायक तकनीकों को अपनाने के लिए तत्पर हैं।

बताते चलें कि यह सेमिनार गुड ब्रिक्स की भारत में विस्तार यात्रा का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। रांची और धनबाद में हाल ही में हुए सफल कार्यक्रमों के बाद कंपनी दक्षिण एशिया में निर्माण क्षेत्र को और अधिक स्वच्छ, हरित और टिकाऊ बनाने के अपने मिशन को आगे बढ़ा रही है।

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