UP BJP President Race: घर-घर तेल बेचने वाले पंकज चौधरी बन सकते हैं UP बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष, आज हैं करोड़ों के मालिक

UP BJP President Race: क्या पंकज चौधरी बनेंगे UP बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष? तेल बेचकर कमाए करोड़ रुपए

UP BJP President Race: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की सियासत में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जल्द ही नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने वाला है और इस दौड़ में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी (Union MoS Finance Pankaj Chaudhary) का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। राजधानी लखनऊ (Lucknow) में सियासी हलचल तेज है, विधायक-सांसद जुट चुके हैं और संगठन स्तर पर तैयारियां अंतिम दौर में हैं। पंकज चौधरी का नाम सामने आते ही उनकी राजनीतिक ताकत के साथ-साथ उनके कारोबारी साम्राज्य की भी चर्चा शुरू हो गई है। खासतौर पर वह आयुर्वेदिक तेल, जो घर-घर इस्तेमाल होता है, एक बार फिर सुर्खियों में है। आखिर कौन हैं पंकज चौधरी, उनकी कमाई का जरिया क्या है और बीजेपी नेतृत्व में उनकी भूमिका कितनी अहम होने वाली है चलिए समझते हैं…

यूपी बीजेपी अध्यक्ष पद की सियासी पृष्ठभूमि/UP BJP President Race

उत्तर प्रदेश बीजेपी (UP BJP) संगठन में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही थीं। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी जमीनी स्तर पर संगठन को और मजबूत करना चाहती है। इसी रणनीति के तहत नए प्रदेश अध्यक्ष की ताजपोशी को बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व ने पंकज चौधरी (Pankaj Chaudhary) के नाम पर लगभग सहमति बना ली है। राजधानी लखनऊ (Lucknow) में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal), राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े (Vinod Tawde) और संगठन महासचिव बीएल संतोष (BL Santhosh) की मौजूदगी इस बदलाव को और महत्वपूर्ण बनाती है। पार्टी के भीतर पंकज चौधरी को ऐसा नेता माना जाता है, जो संगठन और सरकार—दोनों में संतुलन साध सकते हैं। यही कारण है कि उनके नाम को प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

पंकज चौधरी का राजनीतिक सफर और बड़ा खुलासा

पंकज चौधरी (Pankaj Chaudhary) पूर्वांचल (Purvanchal) की राजनीति का जाना-पहचाना नाम हैं। उनका राजनीतिक सफर पार्षद से शुरू होकर गोरखपुर (Gorakhpur) के डिप्टी मेयर तक पहुंचा। वर्ष 1991 में वे पहली बार संसद पहुंचे और इसके बाद महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र (Maharajganj Lok Sabha) से सात बार सांसद चुने जा चुके हैं। संगठन में उनकी मजबूत पकड़ और जमीनी नेटवर्क उन्हें खास बनाता है। वर्ष 2021 से वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सरकार में वित्त राज्य मंत्री हैं। पीएम मोदी का गोरखपुर दौरे के दौरान अचानक उनके घर पहुंचना, दोनों के बीच करीबी रिश्तों का संकेत माना गया। यही राजनीतिक अनुभव और नेतृत्व क्षमता उन्हें यूपी बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए स्वाभाविक पसंद बनाती है।

‘राहत रूह’ तेल की कहानी

राजनीति के अलावा पंकज चौधरी (Pankaj Chaudhary) एक सफल कारोबारी भी हैं। वे आयुर्वेदिक तेल ‘राहत रूह’ (Rahat Rooh Oil) बनाने वाली मशहूर कंपनी हरबंशराम भगवानदास (Harbanshram Bhagwandas) के मालिक हैं। यह तेल खासकर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और पूर्वांचल के इलाकों में घर-घर इस्तेमाल किया जाता है। दर्द और मालिश के लिए लोकप्रिय यह ब्रांड उनकी पहचान को राजनीति से बाहर भी मजबूत करता है। कारोबारी सफलता की वजह से उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश में ‘किंगमेकर’ नेता की छवि मिली है। माना जाता है कि बिजनेस और राजनीति के इस संतुलन ने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक प्रभाव भी बढ़ाया है, जो संगठनात्मक राजनीति में बड़ी भूमिका निभाता है।

नेटवर्थ और सामाजिक समीकरण

चुनावी हलफनामे के अनुसार पंकज चौधरी (Pankaj Chaudhary) की कुल संपत्ति 41 करोड़ रुपये से अधिक बताई जाती है। वर्ष 2004 में उनकी संपत्ति एक करोड़ रुपये से कुछ ज्यादा थी, जो करीब दो दशकों में कई गुना बढ़ी है। उनकी शैक्षणिक योग्यता 12वीं तक दर्ज है। वे ओबीसी वर्ग के कुर्मी समुदाय से आते हैं, जिसे उत्तर प्रदेश की राजनीति में यादवों के बाद सबसे प्रभावशाली पिछड़ा वर्ग माना जाता है। कई क्षेत्रों में इस समाज की निर्णायक भूमिका रहती है। राजनीतिक अनुभव, सामाजिक समीकरण और आर्थिक मजबूती—इन तीनों का मेल पंकज चौधरी को यूपी बीजेपी का मजबूत चेहरा बनाता है। अब औपचारिक घोषणा का इंतजार है, जिसके बाद प्रदेश की सियासत में नई दिशा तय मानी जा रही है।

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