Winter Heating Solution Explained: देश के कई हिस्सों में सर्दी अपने चरम पर है और ठंड से बचने के लिए लोग रूम हीटर, ब्लोअर और गैस हीटर जैसे साधनों का सहारा ले रहे हैं। हालांकि ये उपकरण तुरंत गर्मी तो देते हैं, लेकिन इसके साथ बिजली बिल और सेफ्टी को लेकर चिंता भी बढ़ा देते हैं। इसी बीच पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट (Electric Blanket) एक सस्ते, सुविधाजनक और एनर्जी-सेविंग विकल्प के तौर पर तेजी से लोकप्रिय हुआ है। लेकिन इसके बढ़ते इस्तेमाल के साथ लोगों के मन में कई सवाल भी हैं—क्या यह पूरी तरह सुरक्षित है, कितना बिजली खर्च करता है और क्या इसे पूरी रात इस्तेमाल किया जा सकता है? सबसे अहम सवाल यह भी है कि कहीं गलत इस्तेमाल से खतरा तो नहीं? तो चलिए जानते हैं पूरा मामला क्या है, विस्तार से…
इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट क्या है और इसकी तकनीक कैसे काम करती है/Winter Heating Solution Explained
इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट (Electric Blanket) दरअसल एक विशेष प्रकार का कंबल होता है, जिसके अंदर पतले और सुरक्षित हीटिंग वायर लगे होते हैं। जब इसे बिजली से जोड़ा जाता है, तो ये वायर गर्म होकर पूरे ब्लैंकेट में समान रूप से गर्मी फैलाते हैं। आधुनिक इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट में थर्मोस्टेट कंट्रोल दिया जाता है, जो तापमान को तय सीमा से ज्यादा नहीं बढ़ने देता। नई तकनीक वाले मॉडल्स में फाइबरग्लास वायर, मल्टी-लेयर इंसुलेशन और इंफ्रारेड हीटिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जिससे आग लगने या ओवरहीटिंग का खतरा काफी कम हो गया है। यही वजह है कि सही क्वालिटी और सही इस्तेमाल की स्थिति में इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट को पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

ठंड में इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट का सही इस्तेमाल कैसे करें
एक्सपर्ट्स के अनुसार इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट (Electric Blanket) का इस्तेमाल बेहद सोच-समझकर करना चाहिए। सबसे पहले इसे बिस्तर पर पूरी तरह सीधा फैलाएं और इसके ऊपर बेडशीट बिछाएं। सोने से करीब 10–15 मिनट पहले इसे लो या मीडियम हीट मोड पर ऑन करें ताकि बिस्तर पहले से गर्म हो जाए। डॉक्टरों की सलाह है कि सोते समय इसे या तो बंद कर दें या सबसे कम तापमान पर रखें। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के मामले में अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। लंबे समय तक लगातार हाई हीट पर चलाना सही नहीं माना जाता, क्योंकि इससे त्वचा पर जलन या डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है।
बिजली खपत और रातभर इस्तेमाल को लेकर विशेषज्ञ
बिजली खपत की बात करें तो ज्यादातर इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट (Electric Blanket) 100 से 150 वॉट की पावर पर काम करते हैं। यदि 150 वॉट का ब्लैंकेट रोजाना 6 घंटे, करीब 4 महीनों तक इस्तेमाल किया जाए, तो कुल खपत लगभग 108 यूनिट होती है। वहीं रूम हीटर 1500 से 2000 वॉट तक बिजली खपत करते हैं, जिससे बिल कई गुना बढ़ जाता है। नए मॉडल्स में ऑटो शट-ऑफ, ओवरहीट प्रोटेक्शन और टेम्परेचर कंट्रोल जैसे फीचर्स दिए जाते हैं, जो इसे रातभर इस्तेमाल के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित बनाते हैं। फिर भी विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पूरी रात चलाने से बचना बेहतर है।
इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट इस्तेमाल करते समय इन 7 गलतियों से बचना जरूरी
इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट (Electric Blanket) की सेफ्टी काफी हद तक इसके सही इस्तेमाल पर निर्भर करती है। सबसे बड़ी गलती इसे फोल्ड करके चलाना है, जिससे वायर गर्म होकर खराब हो सकते हैं। गीले ब्लैंकेट में कभी प्लग न लगाएं और अगर तार जला या टूटा दिखे तो तुरंत इस्तेमाल बंद कर दें। इस्तेमाल के बाद हमेशा प्लग निकालना जरूरी है। ब्लैंकेट पर भारी सामान रखना, गीले बेड पर बिछाना या बिना कंपनी गाइडलाइन पढ़े इसे धोना भी खतरनाक हो सकता है। सही सावधानी के साथ इस्तेमाल किया जाए, तो इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट ठंड में एक सुरक्षित और किफायती विकल्प साबित हो सकता है।










