Last 24 Hours Before Death Signs: जीवन और मौत का खेल बहुत रहस्यमयी है। हम सब जानते हैं कि एक दिन सबको जाना है, लेकिन मौत आने से पहले शरीर और मन में कुछ ऐसे बदलाव आते हैं, जो हमें इशारा देते हैं कि अंतिम समय नजदीक है। खासकर आखिरी 24 घंटे या एक दिन पहले कई लोग कुछ खास संकेत महसूस करते हैं। ये संकेत हर व्यक्ति में अलग-अलग तरीके से दिख सकते हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में ये आम होते हैं।
ये संकेत पुराणों, धार्मिक मान्यताओं और मेडिकल साइंस (हॉस्पिस केयर) दोनों में बताए गए हैं। अगर ये लक्षण दिखें, तो परिवार वालों को सतर्क हो जाना चाहिए, डॉक्टर से बात करनी चाहिए और व्यक्ति को आराम व प्यार देना चाहिए। आइए जानते हैं ये 6 मुख्य संकेत क्या हैं।

1. बहुत ज्यादा थकान और नींद आना
आखिरी दिन में व्यक्ति को बहुत ज्यादा नींद आने लगती है। वो दिन-रात सोता रहता है, जागने पर भी आंखें खुली नहीं रख पाता। बात करने की इच्छा खत्म हो जाती है और वो दुनिया से धीरे-धीरे कटने लगता है।
ये इसलिए होता है क्योंकि शरीर अब ज्यादा एनर्जी नहीं ले पाता। खाना-पीना लगभग बंद हो जाता है। कई बार व्यक्ति इतना कमजोर हो जाता है कि बिस्तर से पलटना भी मुश्किल लगता है।
सावधानी: परिवार वाले उसे अकेला न छोड़ें। उसकी तरफ से बात करें, हाथ पकड़ें, क्योंकि सुनने की शक्ति आखिरी तक रहती है।
2. सांस लेने में बदलाव – अनियमित और जोरदार आवाज
मौत से ठीक पहले सांस बहुत बदल जाती है। कभी तेज-तेज सांस चलती है, कभी रुक-रुक कर। बीच-बीच में कई सेकंड तक सांस रुक जाती है (अप्निया), फिर अचानक शुरू हो जाती है।
कई बार गले से ‘खर्र-खर्र’ जैसी आवाज आने लगती है, जिसे ‘डेथ रैटल’ कहते हैं। ये म्यूकस जमा होने से होता है।
ये संकेत बहुत आम है और अक्सर मौत के कुछ घंटे या मिनट पहले दिखता है।
सावधानी: घबराएं नहीं, ये दर्दनाक नहीं होता। डॉक्टर दवा से इसे कंट्रोल कर सकते हैं।
3. शरीर का ठंडा पड़ना और हाथ-पैर सुन्न होना
शरीर के हिस्से धीरे-धीरे ठंडे होने लगते हैं। सबसे पहले पैर, हाथ, नाक और कान ठंडे हो जाते हैं। त्वचा पीली या नीली पड़ सकती है। ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट कम हो जाता है।
ये इसलिए क्योंकि शरीर अब मुख्य अंगों (दिल, दिमाग) को बचाने के लिए बाकी हिस्सों में खून कम भेजता है।
सावधानी: व्यक्ति को गर्म रखें, हल्की चादर ओढ़ाएं, लेकिन ज्यादा गर्म न करें।
4. भ्रम, सपने जैसे हालात या पुराने लोगों का दिखना
आखिरी समय में कई लोग भ्रम में पड़ जाते हैं। उन्हें ऐसे लोग दिखते हैं जो पहले मर चुके हैं – जैसे दादा-दादी, मां-बाप या दोस्त।
कभी वो बातें करते हैं जैसे यात्रा पर जा रहे हों – “बैग पैक करो”, “ट्रेन आ गई” आदि। ये ‘नियर डेथ अवेयरनेस’ कहलाता है।
कई बार वो कहते हैं – “मुझे जाना है” या “अब सब ठीक हो जाएगा”।
सावधानी: उन्हें झिड़कें नहीं। हां में बात करें, क्योंकि ये उनके लिए सुकून भरा अनुभव होता है।
5. खाना-पीना पूरी तरह बंद और मुंह सूखना
व्यक्ति अब कुछ भी नहीं खाता-पीता। पानी भी नहीं मांगता। मुंह बहुत सूख जाता है, जीभ चिपक जाती है।
ये सामान्य है क्योंकि शरीर को अब ज्यादा भोजन की जरूरत नहीं।
सावधानी: जबरदस्ती न खिलाएं। छोटे-छोटे बर्फ के टुकड़े या गीले कपड़े से मुंह गीला करें।
6. अचानक एनर्जी का बढ़ना या शांति मिलना (टर्मिनल ल्यूसिडिटी)
कभी-कभी मौत से ठीक 24 घंटे पहले व्यक्ति अचानक बहुत एनर्जेटिक हो जाता है। वो उठकर बात करता है, हंसता है, पुरानी यादें ताजा करता है। परिवार को लगता है कि वो ठीक हो रहा है।
लेकिन ये आखिरी चमक होती है। इसके बाद हालत तेजी से बिगड़ती है।
अंत में कुछ बातें
ये संकेत हर व्यक्ति में एक जैसे नहीं होते। कोई बीमारी, उम्र और हालत के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। ये कोई डरावनी बात नहीं, बल्कि प्रकृति का एक स्वाभाविक तरीका है।
अगर आपके आसपास कोई इनमें से लक्षण दिखा रहा है, तो उसे ज्यादा से ज्यादा प्यार, सम्मान और आराम दें। डॉक्टर या हॉस्पिस टीम से मदद लें।
Disclaimer- इस खबर को सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है, यहां पर दी गई जानकारी की News Nation Bharat पुष्टि नहीं करता है, इसलिए अधिक जानकारी पाने के लिए विशेषज्ञों और चिकित्सकों की सलाह जरूर लें।










