Mojtaba Khamenei Supreme leader: ईरान का नया सुप्रीम लीडर, मोजतबा खामेनेई बने तख्त पर, पूरी सेना ने ली वफादारी की कसम

Mojtaba Khamenei Supreme leader: मोजतबा खामेनेई ईरान के नए सर्वोच्च नेता, ट्रंप बोले - 'बिना हमारी मंजूरी के नहीं टिकेगा'

Mojtaba Khamenei Supreme leader: ईरान में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। देश के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नए सर्वोच्च नेता के रूप में चुना गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान अमेरिका और इजरायल के साथ युद्ध की स्थिति में है। यह युद्ध पिछले कुछ दिनों से चल रहा है और इसमें दोनों तरफ से भारी हमले हो रहे हैं। ईरान की सेना, पुलिस, राष्ट्रपति और राजनीतिक नेताओं ने तुरंत नए नेता मोजतबा खामेनेई के प्रति वफादारी की शपथ ली है। इस खबर से पूरी दुनिया में हलचल मच गई है, खासकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बहुत नाराज दिख रहे हैं।

मोजतबा खामेनेई कौन हैं?/Mojtaba Khamenei Supreme leader

मोजतबा खामेनेई अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं। वे काफी समय से ईरान की राजनीति और धार्मिक संस्थाओं में सक्रिय रहे हैं। उन्हें सख्त विचारधारा वाला और हार्डलाइनर माना जाता है। उनके पिता की तरह वे भी इस्लामी क्रांति के सिद्धांतों पर मजबूती से खड़े रहने वाले नेता हैं। कई विशेषज्ञों का मानना है कि मोजतबा को चुनने से ईरान में सख्त धड़े की सत्ता और मजबूत हो गई है। अली खामेनेई की मौत युद्ध के दौरान हुई थी, जिसके बाद नेतृत्व का संकट पैदा हो गया था। एक्सपर्ट्स की असेंबली (जो सर्वोच्च नेता चुनती है) ने बहुमत से मोजतबा को चुना। इस फैसले का मकसद था कि देश में कोई नेतृत्व का खालीपन न रहे, खासकर जब दुश्मन देश हमले कर रहे हों।

सेनाओं और नेताओं की वफादारी की शपथ

जैसे ही मोजतबा खामेनेई को सर्वोच्च नेता घोषित किया गया, ईरान की पूरी सैन्य और राजनीतिक व्यवस्था ने उनका समर्थन किया। ईरान की सेना के प्रमुखों, इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान जारी कर कहा कि वे नए नेता के प्रति पूरी वफादारी निभाएंगे और उनके आदेशों का पालन करेंगे। राष्ट्रपति ने भी सार्वजनिक रूप से शपथ ली। पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने भी एकजुट होकर समर्थन जताया। ईरान की राज्य मीडिया ने इसे दिखाया कि पूरा देश एकजुट है। असेंबली ने देश के लोगों, बुद्धिजीवियों, छात्रों और उलेमाओं से अपील की कि वे नए नेता के इर्द-गिर्द एकजुट रहें और देश की एकता बनाए रखें। यह शपथ सिर्फ औपचारिक नहीं थी, बल्कि युद्ध के समय एक मजबूत संदेश थी कि ईरान किसी भी कीमत पर झुकने वाला नहीं है।

अमेरिका-इजरायल युद्ध का संदर्भ

यह सब कुछ उस युद्ध के बीच हो रहा है जो अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर शुरू किया था। फरवरी के अंत में यह युद्ध शुरू हुआ और अब इसकी नौवां दिन चल रहा है। इजरायल ने तेहरान समेत कई जगहों पर बमबारी की है। ईरान ने जवाबी हमले किए हैं, जिसमें सऊदी अरब में भी कुछ मौतें हुई हैं। इस युद्ध से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं – अमेरिकी क्रूड ऑयल 100 डॉलर से ज्यादा और कुछ रिपोर्टों में 115 डॉलर तक पहुंच गई है। ईरान कह रहा है कि अमेरिका-इजरायल के हमले निर्दोष नागरिकों पर हो रहे हैं और इसे युद्ध अपराध बताया जा रहा है। अब तक 1200 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। ऐसे में नए नेता का चुनाव ईरान की ओर से एक चुनौती भरा कदम है।

ट्रंप की नाराजगी और बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस फैसले से बेहद नाखुश हैं। उन्होंने पहले ही कहा था कि मोजतबा खामेनेई को चुनना अमेरिका को मंजूर नहीं होगा। ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि अगर अमेरिका की मंजूरी के बिना कोई नेता चुना गया तो “वह ज्यादा दिन नहीं टिकेगा”। उन्होंने यहां तक कहा कि अमेरिका को नए सर्वोच्च नेता के चुनाव में बोलने का हक है। ट्रंप ने मोजतबा को “लाइटवेट” यानी कमजोर बताया और चेतावनी दी कि बिना अमेरिकी समर्थन के वह टिक नहीं पाएंगे। ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी बात की और कहा कि युद्ध खत्म करना दोनों देशों का मिला-जुला फैसला होगा। इजरायल की सेना ने भी पहले कहा था कि वे किसी भी नए नेता को निशाना बना सकते हैं। ट्रंप के इन बयानों से साफ है कि अमेरिका ईरान पर दबाव बढ़ाना चाहता है और शायद नेतृत्व बदलने की कोशिश कर रहा है। लेकिन ईरान ने साफ कर दिया कि यह उसकी आंतरिक बात है और कोई बाहर का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दुनिया पर क्या असर?

यह घटना मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा सकती है। तेल की कीमतें बढ़ने से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। ईरान के नए नेता के सख्त रुख से युद्ध लंबा खिंच सकता है। कई देश इसे देख रहे हैं कि ईरान कितना मजबूत रहता है। ईरान की ओर से एकता का प्रदर्शन जरूर मजबूत है, लेकिन अमेरिका-इजरायल की ताकत भी कम नहीं है। आने वाले दिनों में और हमले हो सकते हैं। दुनिया भर के नेता इस पर नजर रखे हुए हैं।

निष्कर्ष

ईरान में मोजतबा खामेनेई का सर्वोच्च नेता बनना एक बड़ा मोड़ है। सेनाओं और नेताओं की शपथ से देश एकजुट दिख रहा है, लेकिन ट्रंप की नाराजगी और युद्ध का माहौल इसे और जटिल बना रहा है। यह देखना बाकी है कि यह बदलाव ईरान के लिए मजबूती लाता है या नई मुश्किलें खड़ी करता है। फिलहाल, ईरान साफ संदेश दे रहा है – हम किसी के आगे नहीं झुकेंगे।

Other Latest News

Leave a Comment