Gyanvapi Mosque Allahabad High Court Hearing today: ज्ञानवापी मस्जिद, आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में बड़ी सुनवाई, शिवलिंग सर्वे पर फैसला?

Gyanvapi Mosque Allahabad High Court Hearing today: वाराणसी ज्ञानवापी अपडेट,वजूखाने के ASI सर्वे पर आज हाईकोर्ट में अहम बहस

Gyanvapi Mosque Allahabad High Court Hearing today: वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। यह मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है, जहां आज (10 मार्च 2026) दोपहर 2 बजे से अहम सुनवाई होने वाली है। हिंदू पक्ष का दावा है कि मस्जिद के मुख्य गुंबद के नीचे शिवलिंग है और वजूखाने (वुजू करने की जगह) में भी एक संरचना शिवलिंग जैसी है। इसलिए वे ASI (पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग) से वैज्ञानिक सर्वे की मांग कर रहे हैं। मुस्लिम पक्ष इसे फाउंटेन (फव्वारा) बताता है और सर्वे का विरोध करता है। आज की सुनवाई में कोर्ट इस पर फैसला सुना सकता है या फिर अगली तारीख दे सकता है।

विवाद की पूरी कहानी: ज्ञानवापी परिसर क्या है?/Gyanvapi Mosque Allahabad High Court Hearing today

ज्ञानवापी मस्जिद काशी विश्वनाथ मंदिर के ठीक बगल में स्थित है। यह इलाका सदियों पुराना है और दोनों धर्मों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। 2022 में कोर्ट के आदेश पर ASI ने मस्जिद परिसर का सर्वे किया था। सर्वे के दौरान वजूखाने में एक संरचना मिली, जिसे हिंदू पक्ष शिवलिंग मानता है। मुस्लिम पक्ष कहता है कि यह पुराना फव्वारा है, जो वुजू के लिए इस्तेमाल होता था। सुप्रीम कोर्ट ने उस संरचना को सील कर दिया था ताकि कोई नुकसान न हो।

इसके बाद हिंदू पक्ष ने कई याचिकाएं दाखिल कीं। एक मुख्य केस श्रृंगार गौरी पूजा का है, जिसमें हिंदू महिलाएं मंदिर में पूजा का अधिकार मांग रही हैं। इसी केस में राखी सिंह नाम की याचिकाकर्ता ने सिविल रिवीजन याचिका दाखिल की है। वे कह रही हैं कि वजूखाने का ASI से वैज्ञानिक सर्वे हो, लेकिन शिवलिंग वाली जगह को छोड़कर। उनका कहना है कि इससे सच्चाई सामने आएगी कि वहां पहले मंदिर था या नहीं।

वाराणसी कोर्ट ने क्या फैसला दिया?

पहले यह मामला वाराणसी की फास्ट-ट्रैक कोर्ट में था। 21 अक्टूबर 2023 को जज ने हिंदू पक्ष की मांग ठुकरा दी। उन्होंने कहा कि पूरे परिसर का सर्वे नहीं होगा और वजूखाने में ASI सर्वे की भी इजाजत नहीं। हिंदू पक्ष को यह फैसला पसंद नहीं आया, इसलिए उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की। यही अपील आज सुनवाई के लिए है। जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है।

दोनों पक्षों के तर्क क्या हैं?

हिंदू पक्ष के तर्क:

  • वजूखाने में मिली संरचना शिवलिंग है, इसका वैज्ञानिक जांच से पता चलेगा।
  • सर्वे से पुरातात्विक सबूत मिलेंगे कि वहां पहले मंदिर था।
  • वे कहते हैं कि सर्वे में शिवलिंग को छेड़ा नहीं जाएगा, सिर्फ बाकी इलाके की जांच होगी।
  • इससे पूरे विवाद का हल निकल सकता है।

मुस्लिम पक्ष के तर्क:

  • वह संरचना फव्वारा है, जो मस्जिद का हिस्सा है।
  • ASI सर्वे या खुदाई से मस्जिद को नुकसान पहुंच सकता है।
  • वे कहते हैं कि यह मामला Places of Worship Act 1991 के खिलाफ है, जिसमें 1947 की स्थिति को बनाए रखने की बात है।
  • अनजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी इस याचिका का विरोध कर रही है।

पिछली सुनवाइयों का क्या हाल रहा?

यह मामला कई बार कोर्ट में टल चुका है। फरवरी 2026 में हाईकोर्ट ने सुनवाई 10 मार्च तक के लिए टाल दी थी, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में भी जुड़ा मामला चल रहा है। कई बार सुनवाई हुई, लेकिन कोई अंतिम फैसला नहीं आया। सुप्रीम कोर्ट ने वजूखाने को सील रखने का आदेश दिया हुआ है। हाईकोर्ट में मुस्लिम पक्ष के वकील एसएफए नकवी और हिंदू पक्ष के वकील सौरभ तिवारी बहस कर रहे हैं।

आज क्या हो सकता है?

आज की सुनवाई बहुत महत्वपूर्ण है। कोर्ट ASI सर्वे की इजाजत दे सकता है, याचिका खारिज कर सकता है, या फिर और बहस के लिए अगली तारीख दे सकता है। अगर सर्वे की इजाजत मिली तो यह बड़ा कदम होगा। लेकिन अगर खारिज हुई तो हिंदू पक्ष सुप्रीम कोर्ट जा सकता है।

Other Latest News

Leave a Comment