Nasirabad Theft And Robbery: रायबरेली जिले के नसीराबाद थाना क्षेत्र में पिछले करीब 15 दिनों से चोरी और लूट की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। एक के बाद एक हो रही इन वारदातों ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। ग्रामीण अब घर से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि चोर-लुटेरे बेखौफ होकर अपराध कर रहे हैं, जबकि पुलिस की तरफ से कोई सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही। इससे पुलिस की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
लगातार घटनाओं की झड़ी, ग्रामीणों में आक्रोश/Nasirabad Theft And Robbery
बीते 15 दिनों में कम से कम पांच बड़ी वारदातें सामने आई हैं। इनमें चोरियां, दिनदहाड़े लूट और घर तोड़कर सामान चुराने की घटनाएं शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अपराधियों को कोई डर नहीं रह गया। पुलिस के ढुलमुल रवैये और मामलों को हल्का करने की कोशिश से अपराध का ग्राफ और बढ़ रहा है। लोग मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द सख्त एक्शन लिया जाए, वरना स्थिति और बिगड़ सकती है।

23 फरवरी को बरोक मजरे सन्डहा में सूने घर से चोरी हुई
सबसे पहले 23 फरवरी को बरोक मजरे सन्डहा गांव में एक सूने घर में चोरी हुई। परिवार के लोग बाहर गए हुए थे। चोरों ने मौका देखकर घर में घुसकर जेवरात और नकदी चुरा ली। घर में कोई नहीं था, इसलिए चोर आराम से काम करके भाग गए। इस घटना से इलाके में हलचल मच गई, लेकिन पुलिस की तरफ से कोई खास एक्शन नहीं हुआ।
8 मार्च को फिर वही गांव, चोर पकड़ा गया था
8 मार्च को उसी बरोक मजरे सन्डहा गांव में एक बार फिर चोरी की घटना हुई। इस बार ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाई और एक संदिग्ध युवक को रंगे हाथ पकड़ लिया। युवक ने चोरी करना भी कबूल कर लिया। ग्रामीणों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने युवक को नशेड़ी बताकर मामला हल्का कर दिया। पीड़ित को बार-बार समझाया गया कि उनका सामान वापस मिल जाएगा, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। इससे लोगों का पुलिस पर भरोसा और कम हो गया।
9 मार्च: बढ़ौना में जेवरात और नकदी चोरी
9 मार्च को मठिया मजरे बढ़ौना गांव में प्रियंका के घर चोरों ने धावा बोल दिया। घर में रखे जेवरात और नकदी चुराकर फरार हो गए। यह घटना रात में हुई, जब घर में लोग सो रहे थे। चोरों ने ताला तोड़कर अंदर घुसा और सामान लेकर निकल गए। इस घटना ने इलाके में और डर फैलाया।
10 मार्च: दिनदहाड़े कट्टे के बल पर लूट
सबसे सनसनीखेज वारदात 10 मार्च को हुई, जब पुरे हाथी दुबे का पुरवा निवासी हरकेश कुमार दुबे और उनकी पत्नी निमंत्रण से लौट रहे थे। गांव के पास ही बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोका। कट्टा दिखाकर जेवरात और नकदी लूट ली। बदमाशों ने पत्नी के मंगलसूत्र, कान की बाली, अंगूठियां आदि छीन लिए। यह सब दिनदहाड़े हुआ, जिससे पूरे इलाके में खलबली मच गई। लोग कह रहे हैं कि अब सड़कों पर भी सुरक्षित नहीं रहा।
10 मार्च रात: सुजवरिया में घर तोड़कर चोरी
उसी दिन रात को अशोक नगर, सुजवरिया गांव में मंजू देवी पत्नी हंसराज के घर चोरों ने ताला तोड़कर घुस गए। पीड़िता जब पेशाब के लिए उठीं तो देखा कि दरवाजा खुला है और बक्से खुले पड़े हैं। चोरों ने सोने की झुमकी (7 ग्राम), नथ (5 ग्राम), तीन मंगलसूत्र, चार अंगूठियां, चांदी की करधनी (250 ग्राम), बड़ी पायल (290 ग्राम), छोटी पायल, बिछिया और करीब 10 हजार रुपये नकद चुरा लिए। सुबह होने पर पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन चोर अब तक फरार हैं।
पुलिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं
इन लगातार घटनाओं से ग्रामीण बहुत गुस्से में हैं। उनका कहना है कि पुलिस की लीपापोती और ढीली नीति के कारण अपराधी बेखौफ हो गए हैं। एक ग्रामीण ने कहा, “चोर पकड़े भी जाते हैं तो छूट जाते हैं। पुलिस को चाहिए कि नाइट पेट्रोलिंग बढ़ाए, मुखबिरों का इस्तेमाल करे और सख्त एक्शन ले।” लोग मांग कर रहे हैं कि थाना प्रभारी की जवाबदेही तय हो और अपराधियों को जल्द पकड़ा जाए।
निष्कर्ष
नसीराबाद थाना क्षेत्र में यह पहली बार नहीं है जब ऐसी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन इस बार संख्या और तेजी बहुत ज्यादा है। ग्रामीण अब रात में घर से बाहर नहीं निकलते। महिलाएं अकेले रहने से डर रही हैं। यदि समय रहते पुलिस सक्रिय नहीं हुई तो अपराध और बढ़ सकता है। लोगों की उम्मीद है कि ऊपर से दबाव बनेगा और इलाके में शांति बहाल होगी।










