Crude Oil Price 100 Dollars: तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार! ईरान की धमकी.. 200 डॉलर तक पहुंच सकता है भाव

Crude Oil Price 100 Dollars: कोहराम मचा तेल बाजार में! ईरान ने टैंकर उड़ाए, अब बोला- 200 डॉलर तक जाएगी कीमत

Crude Oil Price 100 Dollars: मध्य पूर्व में अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच चल रही जंग ने तेल बाजार को हिला दिया है। आज 12 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतें एक बार फिर तेजी से बढ़ीं और ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया। ब्रेंट में 8-9% से ज्यादा की उछाल आई, जबकि WTI (अमेरिकी क्रूड) भी 90 डॉलर के आसपास पहुंच गया। वजह है ईरान का तेल टैंकरों पर नया हमला और होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई का खतरा। ईरान ने अब साफ चेतावनी दे दी है कि तेल की कीमतें 200 डॉलर तक पहुंच सकती हैं।

ईरान ने इराकी टैंकरों पर किया हमला/Crude Oil Price 100 Dollars

ईरान ने इराक के जल क्षेत्र में दो विदेशी तेल टैंकरों – Safesea Vishnu और Zefyros- पर हमला किया। ये टैंकर इराकी फ्यूल ऑयल ले जा रहे थे। हमले में विस्फोटकों से लदी नावों का इस्तेमाल हुआ, जिससे दोनों टैंकरों में आग लग गई। इराकी पोर्ट सिक्योरिटी अधिकारियों ने पुष्टि की कि हमलावर ईरानी थे। इस हमले के बाद इराक ने अपने सभी तेल टर्मिनलों (जैसे बसरा पोर्ट) पर ऑपरेशन तुरंत बंद कर दिया। इससे इराक से तेल की सप्लाई पूरी तरह रुक गई।

यह हमला ईरान की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह ग्लोबल तेल सप्लाई को बाधित करके अमेरिका और इज़राइल पर युद्ध रोकने का दबाव बनाना चाहता है।

IEA के फैसले का जवाब, ईरान का गुस्सा

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने युद्ध के कारण महंगे तेल को कंट्रोल करने के लिए इमरजेंसी स्टॉक से 400 मिलियन बैरल तेल बाजार में उतारने का फैसला किया। अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देश भी अपने स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से तेल निकाल रहे हैं। ईरान को यह बिल्कुल पसंद नहीं आया क्योंकि इससे तेल की कीमतें नीचे आ सकती थीं।

ईरान का संदेश साफ है: “तुम जितना तेल बाजार में उतारोगे, हम उतने टैंकर तबाह कर देंगे।” ईरान नहीं चाहता कि तेल सस्ता हो, क्योंकि महंगा तेल दुनिया पर आर्थिक दबाव डालता है और युद्ध जल्द खत्म करने की मांग बढ़ती है।

ईरान की बड़ी चेतावनी: 200 डॉलर तक जा सकती हैं कीमतें

ईरान ने अब खुलकर धमकी दी है कि अगर अमेरिका और इज़राइल ने उसके तेल केंद्रों और रिफाइनरियों पर हमले जारी रखे तो तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। ईरान ने कहा, “हम होर्मुज स्ट्रेट से तेल की एक बूंद भी अमेरिका या इज़राइल तक नहीं जाने देंगे।” दुनिया का लगभग 20% तेल इसी स्ट्रेट से गुजरता है। अगर यह रास्ता बंद रहा तो ग्लोबल सप्लाई चेन पूरी तरह बिगड़ जाएगी।

होर्मुज स्ट्रेट में पहले से ही टैंकरों की आवाजाही लगभग रुक चुकी है। ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों के डर से जहाज नहीं निकल रहे। सऊदी अरब, कुवैत, यूएई जैसे देशों ने भी उत्पादन घटा दिया है क्योंकि उनके स्टोरेज टैंक भर चुके हैं।

भारत पर क्या असर पड़ेगा?

भारत अपनी जरूरत का 80-85% कच्चा तेल मिडिल ईस्ट से आयात करता है, जिसमें इराक से करीब 20% हिस्सा है। इराक के टर्मिनल बंद होने और होर्मुज का खतरा बढ़ने से भारत में तेल की कीमतें और महंगी हो सकती हैं। इससे पेट्रोल-डीजल, LPG और अन्य ईंधन महंगे होंगे।

आज भारतीय शेयर बाजार में भी भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा लुढ़क गया, निफ्टी में भी बड़ी गिरावट आई। महंगाई बढ़ने का डर है और आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ेगा।

तेल बाजार की अस्थिरता और आगे क्या?

तेल की कीमतों में पिछले कुछ दिनों में बहुत उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।। कभी 120 डॉलर के करीब पहुंचीं, तो कभी नीचे आईं। लेकिन ईरान के नए हमले और चेतावनी से बाजार में फिर से कोहराम मचा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जंग लंबी चली तो कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।

Other Latest News

Leave a Comment