Iran War Oil Prices Surge: ‘अंत तक लड़ेंगे!’ अमेरिका-इजरायल युद्ध 15वें दिन में, होर्मुज पर खतरा, तेल 100 डॉलर पार

Iran War Oil Prices Surge: ईरान की धमकी,अमेरिका अड्डे बंद करे, वरना अंत तक जंग! दुनिया टेंशन में

Iran War Oil Prices Surge: मिडिल ईस्ट का संकट अब अपने 15वें दिन में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहा यह युद्ध दिन-ब-दिन और तेज होता जा रहा है। रोज नए हमले, धमकियां और चेतावनियां सामने आ रही हैं। तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जहाजों पर हमले हो रहे हैं और पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। ईरान ने साफ संकेत दिया है कि वह अंत तक लड़ाई जारी रखेगा।

ईरान के नए सुप्रीम लीडर ने दी कड़ी चेतावनी/Iran War Oil Prices Surge

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद अपना पहला बड़ा बयान दिया। उन्होंने अमेरिका को सीधे निशाना बनाते हुए कहा, “अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपने सैन्य अड्डों को तुरंत बंद कर दे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो उन ठिकानों पर हमले जारी रहेंगे।” ईरान की तरफ से और भी सख्त लहजा अपनाया गया है। ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि अगर ईरान के ऊर्जा ढांचे या बंदरगाहों पर कोई हमला हुआ तो पूरे क्षेत्र के तेल और गैस संसाधनों को आग के हवाले कर दिया जाएगा।

ईरान का कहना है कि वह जवाबी कार्रवाई में उन सभी तेल-गैस प्रणालियों को निशाना बनाएगा, जिनसे अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को फायदा मिलता है। ईरान की इस धमकी से साफ है कि वह पीछे हटने के मूड में नहीं है। कई ईरानी कमांडरों ने कहा है कि युद्ध कब खत्म होगा, यह ईरान तय करेगा, अमेरिका या इजरायल नहीं।

बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर बड़ा हमला

ताजा अपडेट्स में सबसे चौंकाने वाली खबर बगदाद से आई, जहां अमेरिकी दूतावास पर भीषण हमला हुआ। धुएं का गुबार पूरे इलाके में छा गया। यह हमला युद्ध के बढ़ते तेवर को दिखाता है। इसके अलावा यूएई में अमेरिकी टैंकर पर हमले की खबर आई, जबकि ईरान के खार्ग द्वीप (जो तेल निर्यात का बड़ा केंद्र है) पर भी हमले हुए। इन घटनाओं से साफ है कि युद्ध अब जमीन, समुद्र और हवा – हर जगह फैल चुका है।

दुनिया की ऊर्जा lifeline पर खतरा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इस युद्ध का सबसे संवेदनशील मुद्दा बन गया है। दुनिया का करीब 20-30% तेल इसी संकरे रास्ते से गुजरता है। ईरान ने यहां सख्ती बरती है और कई जहाजों पर हमले हो चुके हैं। तीन जहाजों पर प्रोजेक्टाइल हमले की खबरें आईं, जिससे तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई।

भारत के लिए यह बड़ा झटका है। भारत का दूसरा एलपीजी जहाज ‘नंदा देवी’ किसी तरह होर्मुज पार करके भारत पहुंचा, जबकि ‘शिवालिक’ पहले ही निकल चुका है। लेकिन कई देशों के जहाज फंस गए हैं। इराक ने अपना तेल उत्पादन 70% तक घटा दिया है, क्योंकि निर्यात का रास्ता बंद है। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर पार कर गई है और एलपीजी सिलेंडर की कीमतें भी बढ़ने की आशंका है। ईरान कुछ जहाजों को गुजरने की इजाजत दे रहा है, लेकिन अमेरिका-इजरायल के साथियों को नहीं।

ट्रंप ने क्या दावा किया और ईरान का जवाब क्या ?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान में ज्यादा कुछ बाकी नहीं बचा, युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। उन्होंने खार्ग द्वीप पर हमले का जिक्र करते हुए कहा कि “ये पागल कमीनों का…” लेकिन ईरान ने इसे खारिज किया। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका चाहे तो कभी भी युद्ध रोक सकता है, लेकिन ईरान के नए लीडर और कमांडरों का कहना है कि “अंत तक लड़ेंगे”। ईरान ने तीन शर्तें रखी हैं – उसके अधिकारों को मान्यता, नुकसान की भरपाई और भविष्य में हमले न होने की गारंटी।

अमेरिका ने रूसी तेल की खरीद के लिए 30 दिन की छूट दी है ताकि वैश्विक बाजार संभले। लेकिन युद्ध के कारण हजारों लोग विस्थापित हो चुके हैं और मानवीय संकट बढ़ रहा है।

क्या युद्ध लंबा चलेगा?

दोनों तरफ से हमले तेज हैं – इजरायल में मिसाइलें गिर रही हैं, तेहरान में ब्लास्ट हो रहे हैं। अमेरिका ने हजारों सैनिक तैनात किए हैं। अगर होर्मुज पूरी तरह बंद हुआ तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ेगा। भारत जैसे देशों को एलपीजी और पेट्रोल की कीमतों में उछाल का सामना करना पड़ सकता है।

Other Latest News

Leave a Comment