Electrocution Death Raibareli: रायबरेली जिले में एक बार फिर बिजली के करंट से जुड़ा एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है। डीह थाना क्षेत्र के घिसीगढ़ गांव में रविवार को 24 साल के युवक अभिनव मौर्य उर्फ शिवम मौर्य की करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना ने पूरे गांव को हिलाकर रख दिया है। परिवार में कोहराम मच गया है और ग्रामीणों में गुस्सा और दुख दोनों का माहौल है।
खेत में काम करने के दौरान हुआ हादसा/Electrocution Death Raibareli
शिवम मौर्य पुत्र शिव प्रसाद मौर्य गांव के रहने वाले थे। वे रविवार को अपने खेत पर कुछ काम करने गए थे। खेत के पास से गुजर रही बिजली की लाइनें उनके लिए मौत का कारण बन गईं। बताया जाता है कि वहां एलटी लाइन के साथ-साथ 440 वोल्ट की लाइन भी चल रही थी। शिवम झटका मशीन (जिससे खेत में सिंचाई या अन्य काम के लिए बिजली का इस्तेमाल होता है) लगाने के लिए तार जोड़ने की कोशिश कर रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लाइन में कहीं खराबी या मिसिंग होने की वजह से अचानक बिजली का तेज करंट तार में आ गया। जैसे ही शिवम ने तार को छुआ, करंट की चपेट में आ गए। इतना तेज झटका लगा कि वे गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही गिर पड़े। उनकी हालत इतनी खराब हो गई कि वे कुछ बोल भी नहीं पाए।
घर की छत पर भी हुआ था करंट का झटका?
कुछ लोगों का कहना है कि इससे पहले शिवम घर की छत पर किसी काम से गए थे। वहां से गुजर रही हाई टेंशन लाइन (लगभग 11,000 वोल्ट की) के संपर्क में आने से भी उन्हें करंट लगा था। हालांकि मुख्य हादसा खेत में ही हुआ। दोनों जगहों पर बिजली की लाइनें खतरनाक तरीके से घरों और खेतों के बहुत करीब से गुजर रही हैं, जो लोगों के लिए बड़ा खतरा बनी हुई हैं।
गांव में अफरा-तफरी और अस्पताल पहुंचाया गया
जैसे ही हादसे की खबर फैली, गांव में हड़कंप मच गया। पड़ोसी और परिजन दौड़े-दौड़े आए। शिवम को गंभीर हालत में तुरंत रायबरेली के जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें जांचने के बाद मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचते-पहुंचते उनकी सांसें थम चुकी थीं।
घर लौटते ही पूरे परिवार में मातम छा गया। मां-बाप, भाई-बहन सब रो-रोकर बुरा हाल हो गए। शिवम युवा था, परिवार की उम्मीद था। अचानक उसका इस तरह चले जाना किसी के लिए भी सहन करने लायक नहीं था। गांव भर में शोक की लहर दौड़ गई। लोग एक-दूसरे से बात कर रहे थे कि आखिर कब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे।
ग्रामीणों का गुस्सा: बिजली लाइनें हैं मौत का जाल
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बिजली के तार बहुत नीचे लटक रहे हैं। कई जगह तो घरों की छतों और खेतों के ठीक ऊपर से गुजर रहे हैं। हाई टेंशन लाइनें भी बिना किसी सुरक्षा के बेतरतीब ढंग से बिछी हुई हैं। लोग डरते हैं कि कहीं भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
कई ग्रामीणों ने कहा, “हम सालों से शिकायत कर रहे हैं। बिजली विभाग को बार-बार बताया कि तार ऊंचे करो, इंसुलेशन ठीक करो, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। आज एक युवा की जान चली गई, कल किसी और की जा सकती है।” वे बिजली विभाग से मांग कर रहे हैं कि गांव की सारी खतरनाक लाइनों की जांच हो, उन्हें सुरक्षित बनाया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
पुलिस ने शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलते ही डीह थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पूरी घटना की जानकारी ली और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह देख रही है कि क्या लापरवाही से ऐसा हुआ या कोई और वजह थी। साथ ही बिजली विभाग को भी सूचना दी गई है ताकि वे लाइनों की जांच करें।
ऐसे हादसों से कैसे बचें?
यह घटना हमें फिर से याद दिलाती है कि बिजली कितनी खतरनाक हो सकती है अगर सावधानी न बरती जाए। कुछ जरूरी बातें जो हर किसी को याद रखनी चाहिए:
- कभी भी बिजली के तारों को हाथ न लगाएं, खासकर अगर वे नीचे लटक रहे हों या खराब दिख रहे हों।
- खेत में कोई काम करते समय बिजली की लाइनों से दूर रहें। अगर तार जोड़ना हो तो पहले बिजली बंद करवाएं।
- घर में या बाहर कोई इलेक्ट्रिकल काम हो तो MCB या फ्यूज चेक करें, अच्छे इंसुलेटेड तार इस्तेमाल करें।
- बच्चों को बिजली के खतरों के बारे में बताएं और उन्हें तारों से दूर रखें।
- अगर करंट लग जाए तो सबसे पहले बिजली का मुख्य स्विच बंद करें, फिर पीड़ित को छूने से पहले लकड़ी या प्लास्टिक की चीज से दूर करें।
परिवार और गांव की पुकार
शिवम की मौत ने एक परिवार को सूना कर दिया है। गांव वाले अब न्याय और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। उम्मीद है कि प्रशासन और बिजली विभाग इस मामले को गंभीरता से लेंगे और ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएंगे। नहीं तो ऐसी दर्दनाक घटनाएं जारी रहेंगी और मासूम जिंदगियां खत्म होती रहेंगी।










