Mamata Banerjee की कड़ी चेतावनी! हम अपने अधिकार नहीं छीनने देंगे

हम डरे नहीं, लड़ रहे हैं – ममता बनर्जी का SIR पर बड़ा बयान

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर ईद-उल-फितर के मौके पर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने केंद्र की बीजेपी सरकार और चुनाव आयोग को कड़ी चेतावनी दी। ममता ने कहा, “हम अपने अधिकार नहीं छीनने देंगे।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में वोटर लिस्ट (चुनावी मतदाता सूची) से लाखों नाम हटाए जाने को लेकर विवाद चल रहा है।

ईद पर रेड रोड पर भारी भीड़ और ममता का संबोधन

शनिवार की सुबह कोलकाता के रेड रोड पर ईद की नमाज के बाद एक बड़ा आयोजन हुआ। हर साल की तरह इस बार भी ममता बनर्जी यहां पहुंचीं। उनके साथ तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी भी मौजूद थे। टीएमसी के कई बड़े नेता और आम लोग भी वहां जमा हुए। मौसम में बारिश हो रही थी, लेकिन लोगों का जोश कम नहीं हुआ।

मंच से ममता ने कहा, “आज बारिश हो रही है। यह बारिश सच में एक आशीर्वाद है। ऊपर वाला आपको सभी मुश्किलों से लड़ने की ताकत दे रहा है।” उन्होंने सभी धर्मों के लोगों के साथ खड़े होने का ऐलान किया। ममता ने जोर देकर कहा कि वह पश्चिम बंगाल के हर व्यक्ति के साथ हैं, चाहे वह किसी भी धर्म का हो।

SIR से नाम हटाने पर गुस्सा और चेतावनी

मुख्य मुद्दा था स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची से नाम काटे जाना। चुनाव आयोग ने हाल ही में फाइनल लिस्ट जारी की, जिसमें करीब 63-64 लाख नाम हटा दिए गए। राज्य की कुल वोटर संख्या लगभग 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई। टीएमसी का आरोप है कि यह काम बीजेपी के फायदे के लिए किया जा रहा है। कई नाम गलत तरीके से “मृत” घोषित किए गए।

ममता ने कहा, “SIR से कई नाम हटा दिए गए हैं। मैं आपके लिए लड़ूंगी। मैं बंगाल के सभी लोगों के साथ हूं। हम अपने अधिकार नहीं छीनने देंगे।” उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर किसी का नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। ममता ने बताया कि वह इस मुद्दे पर दिल्ली जाकर चुनाव आयोग को अपनी बात रख चुकी हैं। उन्होंने कहा, “हम बिल्कुल भी डरे हुए नहीं हैं। हम लड़ रहे हैं।”

यह चेतावनी बीजेपी और चुनाव आयोग (जिसे ममता ‘कमीशन’ कहती हैं) दोनों के लिए थी। टीएमसी लंबे समय से आरोप लगा रही है कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहा है।

अभिषेक बनर्जी का एकता का संदेश

अभिषेक बनर्जी ने भी मंच से बात की। उन्होंने कहा, “भाई-भाई से लड़ रहे हैं। ऐसे में हमें एक होना होगा। दिवाली में राम हैं, ईद में भीम हैं। जिस चांद को ईद मनाई जाती है, उसे देखकर करवा चौथ का व्रत तोड़ा जाता है। बंगाल की एकता बनी रहेगी।” उनका मकसद था कि सभी समुदाय मिलकर रहें और किसी को बांटने न दें।

ईद प्रोग्राम के बाद ममता और अभिषेक ने लाल मस्जिद का भी दौरा किया और वहां लोगों से मिले।

चुनावी माहौल और अन्य विवाद

पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव की तारीखें घोषित हो चुकी हैं। चुनाव दो चरणों में होंगे – 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को होगी। कैंपेनिंग शुरू हो गई है। टीएमसी शुरू से ही SIR और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रही है।

हाल ही में ममता ने चुनाव आयोग के खिलाफ हाई कोर्ट में केस भी किया है। आरोप है कि राज्य को बताए बिना 50 से ज्यादा आईपीएस और आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए। ममता ने कहा कि यह सब चुनाव में हेराफेरी के लिए किया जा रहा है।

इसके अलावा, कुछ जगहों पर ED की छापेमारी भी हुई, जिस पर ममता ने विरोध जताया। वे सड़कों पर उतरकर विरोध कर रही हैं।

बंगाल की एकता और ममता का वादा

ममता बनर्जी ने हमेशा बंगाल को एकजुट रखने की बात की है। ईद जैसे मौके पर उन्होंने फिर दोहराया कि उनकी सरकार सभी धर्मों की रक्षा करेगी। उन्होंने कहा, “मैं सभी धर्मों के लोगों के साथ हूं।” उनका मकसद साफ है – चुनाव में कोई भी बंगाल की जनता के अधिकार छीन नहीं सकता।

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