स्विट्जरलैंड (Switzerland) दुनिया के उन कुछ देशों में से एक है जो लंबे समय से अपनी तटस्थता (Neutrality) की नीति के लिए जाना जाता है। यानी यह किसी भी युद्ध या अंतरराष्ट्रीय संघर्ष में किसी पक्ष का साथ नहीं देता और न ही हथियारों की सप्लाई करता है। हाल ही में, 20 मार्च 2026 को स्विस सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने अमेरिका को नए हथियारों (war materiel) के निर्यात के लिए कोई लाइसेंस जारी नहीं करने का ऐलान किया।
यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि अमेरिका ईरान के खिलाफ चल रहे संघर्ष में शामिल है। फरवरी 28, 2026 से अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किए थे, जिसके बाद से स्विट्जरलैंड ने यह कदम उठाया। स्विस सरकार का कहना है कि “जब तक यह अंतरराष्ट्रीय सशस्त्र संघर्ष चल रहा है, तब तक ईरान से जुड़े युद्ध में शामिल देशों को हथियारों का निर्यात नहीं किया जा सकता।” अमेरिका को स्पष्ट रूप से कहा गया कि “अमेरिका को हथियारों का निर्यात फिलहाल अनुमति नहीं दी जा सकती।”

इससे पहले स्विट्जरलैंड ने अमेरिकी सैन्य विमानों को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की कुछ अनुमतियां भी रोक दी थीं, खासकर उन उड़ानों को जो ईरान संघर्ष से जुड़ी थीं। यह सब उनकी तटस्थता कानून के तहत किया जा रहा है।
अमेरिका स्विट्जरलैंड से क्या-क्या हथियार और सामान मंगवाता था?
हालांकि स्विट्जरलैंड छोटा देश है, लेकिन रक्षा उपकरणों में वह काफी मजबूत है। उसकी कंपनियां सटीक इंजीनियरिंग और उच्च गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध हैं। 2025 में अमेरिका ने स्विट्जरलैंड से करीब 94.2 मिलियन स्विस फ्रैंक (लगभग करोड़ों रुपये) का सैन्य सामान आयात किया था। अमेरिका स्विस हथियारों का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार था।
अमेरिका मुख्य रूप से ये चीजें स्विट्जरलैंड से खरीदता था
- छोटे हथियार (Small Arms): सबसे ज्यादा मशहूर है SIG Sauer कंपनी के पिस्तौल और राइफल्स। SIG Sauer P320 जैसे मॉडल अमेरिकी सेना, पुलिस और ICE (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) जैसी एजेंसियों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होते हैं। ये हथियार अपनी सटीकता, विश्वसनीयता और मजबूती के लिए दुनिया भर में पसंद किए जाते हैं।
- गोला-बारूद और विस्फोटक (Ammunition and Explosives): स्विट्जरलैंड से एडवांस्ड कारतूस, विभिन्न प्रकार के गोला-बारूद और प्रशिक्षण के लिए स्पेशल मटेरियल आता था। ये युद्ध और ट्रेनिंग दोनों में काम आते थे।
- एडवांस्ड मिलिट्री कंपोनेंट्स: स्विस कंपनियां लड़ाकू विमानों, फायर कंट्रोल सिस्टम, रडार टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड सेंसर जैसे हाई-टेक पार्ट्स बनाती हैं। अमेरिकी सेना इनका इस्तेमाल अपने हथियार सिस्टम को बेहतर बनाने में करती थी।
- ड्रोन और हवाई टेक्नोलॉजी: स्विस टेक्नोलॉजी से बने मानवरहित हवाई वाहन (Drones) निगरानी, टोही (Reconnaissance) और आधुनिक युद्ध अभियानों के लिए काफी महत्वपूर्ण थे।
- बख्तरबंद वाहनों के पुर्जे: थल सेना के लिए बख्तरबंद वाहनों (Armored Vehicles) से जुड़े पार्ट्स और सिस्टम भी आयात होते थे, जिससे अमेरिकी सेना की ताकत बढ़ती थी।
ये सभी चीजें स्विट्जरलैंड की सटीक इंजीनियरिंग और क्वालिटी कंट्रोल की वजह से अमेरिका के लिए खास थीं।
इस फैसले का क्या असर पड़ सकता है?
यह फैसला अमेरिका के लिए बड़ा झटका हो सकता है, क्योंकि SIG Sauer जैसे ब्रांड्स पर उसकी बहुत निर्भरता है। हालांकि, पुराने लाइसेंस की समीक्षा चल रही है, लेकिन नए ऑर्डर पूरी तरह रुक गए हैं। स्विट्जरलैंड ने ईरान और इजरायल को भी लंबे समय से हथियार नहीं दिए हैं।
स्विट्जरलैंड अपनी तटस्थता को कितनी गंभीरता से लेता है, चाहे कितना भी दबाव हो। ईरान संघर्ष में अमेरिका और इजरायल की भूमिका के कारण यह रोक लगाई गई है। इससे वैश्विक हथियार व्यापार पर भी असर पड़ सकता है,










