Sambhal: संभल में महिला शक्ति संगठन ने नवरात्रि पर मनाया भक्ति का उत्सव,पंचमी पर कन्या पूजन

दीपा बाष्णेय के घर नवरात्रि की धूम,कन्या पूजन, भजन और डांडिया नृत्य

Sambhal: नवरात्रि के पावन पर्व पर शहर की महिलाओं ने एक बार फिर अपनी आस्था और शक्ति का सुंदर प्रदर्शन किया। महिला शक्ति संगठन की महिलाओं ने मोहल्ला हयात नगर में अध्यक्ष दीपा बाष्णेय के आवास पर धूमधाम से कार्यक्रम आयोजित किया। पंचमी तिथि को विशेष रूप से कन्या पूजन किया गया, जिसमें भजन-कीर्तन, नृत्य और डांडिया का भी आनंद लिया गया। पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से भर गया था।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह से ही हो गई थी। महिलाएं सुबह-सुबह माता रानी के मंदिर में दर्शन करने के बाद दीपा बाष्णेय जी के घर पहुंचीं। वहां पहले माता रानी की आरती उतारी गई और फिर भजन-कीर्तन शुरू हो गए। महिलाओं ने मिलकर मां दुर्गा, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती के भजन गाए। भजनों की मीठी धुन में सबकी आवाजें एक हो गईं। कुछ महिलाएं तो भाव-विभोर होकर आंसू भी बहा रही थीं।

कन्या पूजन में नजर आई देवी की साक्षात् झलक

पंचमी तिथि पर कन्या पूजन का मुख्य कार्यक्रम हुआ। संगठन की अध्यक्ष दीपा बाष्णेय और उपाध्यक्ष ने मिलकर कन्याओं का पूजन किया। छोटी-छोटी कन्याएं लाल-पीले कपड़ों में सजी हुई थीं। उनके माथे पर कुमकुम का टीका, गले में फूलों की माला और हाथों में चूड़ियां चमक रही थीं। वे देखने में साक्षात् देवी रूप लग रही थीं।

सभी महिलाओं ने इन कन्याओं को माता रानी का रूप मानकर उनका स्वागत किया। पहले उनके पैर धोए गए, फिर उन्हें नए कपड़े, फल, मिठाई और उपहार दिए गए। हर कन्या को भोजन कराया गया और दक्षिणा भी दी गई। महिलाएं कह रही थीं कि “कन्या पूजन से जैसे मां दुर्गा खुद हमारे घर आई हों। इन छोटी कन्याओं के चेहरे पर जो दिव्य आभा थी, वह देखकर मन प्रसन्न हो गया।”

भजन पर थिरके पैर, डांडिया से छाई खुशियां

कन्या पूजन के बाद भजन-कीर्तन का दौर फिर शुरू हो गया। महिलाएं बैठकर भजन गा रही थीं और ताली बजा रही थीं। कुछ देर बाद वातावरण और भी जीवंत हो गया जब डांडिया की धुन बज उठी। महिलाओं ने रंग-बिरंगे डांडिया लेकर माता रानी के भजनों पर नृत्य किया। डांडिया की खट-खट की आवाज और भजनों की लय में पूरा घर गूंज उठा।

छोटी कन्याएं भी बड़ी महिलाओं के साथ डांडिया खेलने लगीं। उनकी मासूमियत और उत्साह देखकर सभी का मन खिल उठा। कुछ महिलाएं तो इतना जोश में थीं कि वे लगातार घंटों नाचती रहीं। खुशबू, निलिमा, रिचा, रोविन, शशि गंभीर, ममता, छाया, कल्पना, उषा आर्य जैसी महिलाएं पूरे कार्यक्रम में सक्रिय रहीं। उन्होंने मिलकर व्यवस्था संभाली और सबको प्रसाद भी बांटा।

अध्यक्ष दीपा बाष्णेय का संदेश

कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष दीपा बाष्णेय ने सभी को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “परांबा यानी मां दुर्गा की कृपा से पूरे साल हमारे घर में शक्ति और संपन्नता बनी रहती है। माता रानी की पूजा करने से सभी देवताओं की पूजा अपने आप हो जाती है। इसलिए हम नवरात्रि को हर साल बहुत धूमधाम से मनाते हैं। यह पर्व सिर्फ पूजा का नहीं, बल्कि महिलाओं की एकता और शक्ति का भी प्रतीक है।”

उन्होंने आगे कहा कि महिला शक्ति संगठन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को एक मंच पर लाकर उनकी आस्था को मजबूत करना और सामाजिक कार्य करना है। इस कार्यक्रम से सभी महिलाओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

Sambhal कार्यक्रम में शामिल हुईं ये महिलाएं

इस भव्य आयोजन में संगठन की कई सक्रिय सदस्याएं मौजूद रहीं। इनमें दीपा बाष्णेय, खुशबू, निलिमा, रिचा, रोविन, शशि गंभीर, ममता, छाया, कल्पना, उषा आर्य, शशि वाला, लक्ष्मी देवी, दिव्यांशी, स्वाति, प्रतिमा, नीरू, राधिका आदि महिलाएं प्रमुख रूप से शामिल थीं। हर कोई अपने-अपने तरीके से कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटा हुआ था।

मनोहारी रहा पूरा कार्यक्रम

पूरा कार्यक्रम बेहद मनोहारी और यादगार रहा। भक्ति, संगीत, नृत्य और सेवा का यह सुंदर मिश्रण देखकर हर किसी के चेहरे पर खुशी झलक रही थी। शाम ढलते-ढलते जब महिलाएं घर लौटीं तो उनके मन में माता रानी के प्रति नई श्रद्धा भर गई थी।

नवरात्रि जैसे पर्व महिलाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं और उन्हें एक-दूसरे के साथ जुड़ने का मौका देते हैं। महिला शक्ति संगठन द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम इसी भावना का सुंदर उदाहरण था। शहर की अन्य महिलाओं ने भी इस कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम और ज्यादा होनी चाहिए ताकि नई पीढ़ी भी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे।

Other Latest News

Leave a Comment