ईरान इजरायल: पूर्व में अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान युद्ध अब 27वें दिन में पहुंच गया है। 26 मार्च 2026 को दोनों तरफ से बड़े हमले हुए। ईरान ने इजरायल पर नई मिसाइलें दागीं, जबकि अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सेना ने ईरान के शिराज इलाके में हमला किया, जिसमें दो किशोरों की मौत हो गई।
यह युद्ध तीन हफ्तों से ज्यादा समय से चल रहा है और अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है। ईरान में 1500 से ज्यादा और लेबनान में 1000 से अधिक मौतें रिपोर्ट की गई हैं।

ईरान का जवाबी हमला
ईरान ने इजरायल के हाइफा और नाहारिया समेत कई इलाकों पर 30 से ज्यादा रॉकेट दागे। हिजबुल्लाह ने भी इजरायल पर ड्रोन और रॉकेट हमले किए। इन हमलों में इजरायल में एक महिला की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए।
ईरान ने इजरायल के एयरोस्पेस और हथियार फैक्टरियों को निशाना बनाया। तेहरान के विदेश मंत्री ने आरोप लगाया कि मिनाब स्कूल पर अमेरिकी टॉमहॉक मिसाइलें दागी गईं, जिसमें 100 से ज्यादा बच्चियों की मौत हुई थी। ईरान ने यूएसएस अब्राहम लिंकन पर भी हमले का दावा किया है।
शिराज पर अमेरिका-इजरायल का हमला
इजरायल और अमेरिका ने ईरान के शिराज (फार्स प्रांत) में बड़े हमले किए। शिराज एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों में धुएं के गुबार उठते देखे गए। ईरानी मीडिया के अनुसार, शिराज के एक गांव में आवासीय इलाके पर हमला हुआ, जिसमें दो किशोर लड़कों की मौत हो गई।
इजरायल ने ईरान के कई ठिकानों पर हमले जारी रखे, जिसमें मिसाइल बेस, हथियार उत्पादन सुविधाएं और पनडुब्बी अनुसंधान केंद्र शामिल हैं। इजरायल का कहना है कि ईरान की मिसाइल लॉन्च क्षमता को काफी नुकसान पहुंचाया गया है।
ट्रंप का दावा क्या है और बातचीत की कोशिश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने युद्ध जीत लिया है। उन्होंने व्हाइट हाउस में मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि ईरान पूरी तरह कमजोर हो चुका है और अब परमाणु हथियार नहीं बनाने पर सहमत हो गया है।
ट्रंप ने कहा कि ईरान अमेरिका को “तेल और गैस से जुड़ा बहुत बड़ा तोहफा” देने को तैयार है। बातचीत में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रूबियो और अन्य शामिल हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर बातचीत नाकाम रही तो ईरान के पावर प्लांट्स पर फिर हमला हो सकता है, लेकिन फिलहाल 5 दिन का समय दिया गया है।
ईरान ने इन बातचीत से इनकार किया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक मध्यस्थों के जरिए संदेश आ रहे हैं। पाकिस्तान ने शांति वार्ता होस्ट करने की पेशकश की है और उसके आर्मी चीफ को मुख्य मध्यस्थ बताया जा रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और ईंधन संकट
होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी प्रभावित है। ईरान ने अपने दोस्त देशों (भारत, चीन, रूस आदि) के जहाजों को गुजरने की अनुमति दी है, लेकिन दुश्मनों के लिए रास्ता बंद रखा है।
युद्ध की वजह से तेल की कीमतें पहले 104 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, लेकिन ट्रंप के बयान के बाद थोड़ी गिरावट आई। फिर भी कीमतें पहले के स्तर से ऊपर हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। भारत ने भी ट्रंप से बात कर होर्मुज को सुरक्षित और खुला रखने की अपील की है।
दुबई में ईरानी नागरिकों पर कार्रवाई
यूएई (दुबई) में ईरानी नागरिकों को निकासी का आदेश दिया गया है। दुबई में ईरानी अस्पताल को बंद कर दिया गया। डॉक्टर, नर्स और कर्मचारियों को आवास खाली करने को कहा गया। कुछ के वीजा रद्द कर दिए गए।
मुज्तबा खामेनेई की चेतावनी
ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई की तरफ से ट्रंप को चेतावनी दी गई है कि अब मुद्दा सिर्फ युद्ध रोकने का नहीं रहा, बल्कि आगे की स्थिति बहुत गंभीर हो सकती है।
निष्कर्ष
अमेरिका ने मध्य पूर्व में 2000 अतिरिक्त सैनिक भेजने का फैसला किया है। दोनों तरफ से हमले जारी हैं, लेकिन शांति वार्ता की कोशिशें भी चल रही हैं।










