बिहार बोर्ड : बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने आज क्लास 10वीं यानी मैट्रिक का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस साल कुल 81.79 प्रतिशत छात्र-छात्राएं परीक्षा पास कर गए हैं। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार और बोर्ड चेयरमैन आनंद किशोर की मौजूदगी में रिजल्ट की घोषणा की गई।
परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक चली थी। इस बार करीब 15 लाख 12 हजार छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें से लगभग 12 लाख 79 हजार छात्र पास हुए हैं। रिजल्ट आते ही छात्र और उनके माता-पिता खुशी से झूम उठे। जो बच्चे महीनों से रात-दिन मेहनत कर रहे थे, उनकी मेहनत आज रंग लाई है।

पुष्पांजलि और सबरीन बनीं टॉपर
इस साल बिहार बोर्ड 10वीं में पुष्पांजलि कुमारी और सबरीन परवीन ने संयुक्त रूप से टॉप किया है। दोनों ने 492 मार्क्स (98.4 प्रतिशत) हासिल करके कमाल कर दिया।
- पुष्पांजलि कुमारी – सिमुलतला आवासीय विद्यालय, जमुई से हैं।
- सबरीन परवीन – उच्च माध्यमिक विद्यालय, छौदाही, वैशाली से हैं।
दोनों लड़कियों ने टॉप करके न सिर्फ अपने परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि पूरे बिहार के छात्रों के लिए प्रेरणा बन गईं। बोर्ड ने मेरिट लिस्ट जारी की है जिसमें टॉप 10 में कुल 139 छात्र शामिल हैं, जिनमें 57 लड़कियां हैं। यह दिखाता है कि लड़कियां भी लड़कों के बराबर या उससे बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
पिछले साल की तुलना में टॉपर्स की संख्या में थोड़ा बदलाव आया है। पिछले साल टॉप 10 में 123 छात्र थे। इस बार की मेरिट लिस्ट में कई सरकारी और आवासीय स्कूलों के छात्र शामिल हैं, जो शिक्षा व्यवस्था में सुधार का संकेत देता है।
पास प्रतिशत और लड़के-लड़कियों का प्रदर्शन
कुल पास प्रतिशत 81.79% रहा। इसमें लड़कियों और लड़कों की संख्या लगभग बराबर थी। परीक्षा में कुल 7,84,871 लड़कियां और 7,26,057 लड़के शामिल हुए थे।
पिछले साल 2025 में पास प्रतिशत 82.11% था, जो इस साल थोड़ा कम रहा। लेकिन फिर भी 81.79% को अच्छा प्रदर्शन माना जा रहा है। बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि रिजल्ट काफी संतोषजनक है और छात्रों की मेहनत साफ दिख रही है।
रिजल्ट कैसे चेक करें? आसान स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
रिजल्ट देखना बहुत आसान है। अगर आपका रिजल्ट अभी तक नहीं देखा है तो ये स्टेप्स फॉलो करें:
- अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर ब्राउजर खोलें।
- आधिकारिक वेबसाइट results.biharboardonline.com पर जाएं।
- होमपेज पर “BSEB Matric Result 2026” या “10th Result” का लिंक ढूंढें और क्लिक करें।
- अपना रोल कोड और रोल नंबर सही-सही भरें।
- “Submit” या “View Result” बटन दबाएं।
- आपका पूरा मार्कशीट स्क्रीन पर आ जाएगा।
- इसे डाउनलोड कर लें और प्रिंट निकाल लें।
अगर मुख्य वेबसाइट पर ट्रैफिक ज्यादा हो और साइट धीमी चले तो वैकल्पिक वेबसाइट्स आजमाएं:
- interbiharboard.com
- bsebexam.com
कुछ समय बाद DigiLocker ऐप या वेबसाइट पर भी डिजिटल मार्कशीट उपलब्ध हो जाएगी। मूल मार्कशीट बाद में अपने स्कूल से लेना होगा।
अगर SMS से रिजल्ट देखना चाहते हैं तो बोर्ड की तरफ से दी गई सर्विस का इस्तेमाल कर सकते हैं।
टॉपर्स की मेहनत और परिवार की खुशी
पुष्पांजलि और सबरीन जैसी छात्राओं की सफलता कई परिवारों के लिए मिसाल है। पुष्पांजलि सिमुलतला आवासीय स्कूल से हैं, जो बिहार में गरीब और मेधावी बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराता है। सबरीन परवीन वैशाली जिले के एक छोटे स्कूल से हैं।
दोनों छात्राओं ने बताया कि वे रोजाना नियमित पढ़ाई करती थीं, पिछले सालों के प्रश्न पत्र हल करती थीं और शिक्षकों की सलाह मानती थीं। उनके माता-पिता ने कहा कि बेटियों की मेहनत ने पूरे परिवार को गर्व महसूस कराया है।
टॉपर्स को बोर्ड की तरफ से नकद पुरस्कार, प्रमाण पत्र और सम्मान दिया जाएगा। बिहार सरकार अक्सर टॉप करने वाले छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए भी मदद करती है।
फेल या कम मार्क्स वाले छात्रों के लिए सलाह
जो छात्र पास हो गए हैं, वे 11वीं में स्ट्रीम चुनने की तैयारी शुरू कर दें – साइंस, आर्ट्स या कॉमर्स। अच्छे मार्क्स वाले छात्र अच्छे कॉलेजों और कोर्सेस का लक्ष्य रख सकते हैं।
जिनके मार्क्स उम्मीद से कम आए या वे फेल हो गए, घबराएं नहीं। बोर्ड कंपार्टमेंटल परीक्षा का मौका देता है। अभी से अगली परीक्षा की तैयारी शुरू कर दें। कई बार पहले कम मार्क्स आने के बाद भी छात्र बाद में टॉप करते हैं। सही गाइडेंस और लगातार मेहनत से सब संभव है।
निष्कर्ष
बिहार बोर्ड हर साल लाखों बच्चों का भविष्य तय करता है। 81.79% पास प्रतिशत अच्छा है, लेकिन बोर्ड और सरकार को और प्रयास करने चाहिए ताकि पास प्रतिशत 90% के पार पहुंचे।
ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में बेहतर शिक्षक, लैब और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। गरीब परिवारों के बच्चों को स्कॉलरशिप और मुफ्त कोचिंग जैसी योजनाओं से मदद मिलनी चाहिए।
रिजल्ट जारी होने के बाद अब एडमिशन प्रक्रिया शुरू होगी। छात्रों को 11वीं में एडमिशन के लिए स्कूलों से संपर्क करना होगा।










