भारत की सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का करीबी माने जाने वाला सलीम डोला अब भारत लाया जा चुका है। उसे तुर्की के शहर इस्तांबुल में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद डिपोर्ट करके भारत लाया गया। इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अहम ऑपरेशन माना जा रहा है।
इस्तांबुल में कैसे हुई गिरफ्तारी?
सलीम डोला लंबे समय से फरार चल रहा था और विदेश में छिपकर अपना नेटवर्क चला रहा था।

- वह फर्जी पहचान और दस्तावेजों के जरिए अलग-अलग देशों में रह रहा था
- खुफिया जानकारी मिलने के बाद तुर्की में उसकी लोकेशन ट्रैक की गई
- इसके बाद स्थानीय एजेंसियों की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया गया
भारत लाने के लिए खास इंतजाम
गिरफ्तारी के बाद सलीम डोला को भारत लाने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
- उसे विशेष विमान से भारत लाया गया
- दिल्ली पहुंचने पर सुरक्षा एजेंसियां पहले से अलर्ट थीं
- पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा गया
कौन है सलीम डोला?
सलीम डोला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय अपराधी माना जाता है।
- वह दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क से जुड़ा हुआ बताया जाता है
- ड्रग्स तस्करी में उसका बड़ा नाम माना जाता है
- कई देशों में उसका नेटवर्क फैला हुआ था
ड्रग्स और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन
जांच एजेंसियों के मुताबिक सलीम डोला:
- बड़े पैमाने पर ड्रग्स तस्करी से जुड़ा था
- अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए अवैध कारोबार चलाता था
- कई अपराधियों और गिरोहों से उसके संबंध थे
भारत के लिए क्यों है अहम?
सलीम डोला को भारत लाना कई वजहों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है:
- दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क को बड़ा झटका लग सकता है
- ड्रग्स तस्करी से जुड़े कई मामलों की जांच आगे बढ़ेगी
- देश में सक्रिय गिरोहों के बारे में नई जानकारी मिल सकती है
आगे क्या होगा?
अब सलीम डोला से भारत में पूछताछ की जाएगी।
- उसके नेटवर्क और साथियों की जानकारी जुटाई जाएगी
- पुराने मामलों को फिर से खोला जा सकता है
- अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है
निष्कर्ष
सलीम डोला की गिरफ्तारी और भारत वापसी यह दिखाती है कि अब भारतीय एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपराधियों तक पहुंच बना रही हैं। यह कदम न सिर्फ अंडरवर्ल्ड के खिलाफ है, बल्कि ड्रग्स जैसे बड़े खतरे पर भी लगाम लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।










