लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सिपाही सुनील शुक्ला ने विभाग के भीतर व्याप्त भ्रष्टाचार और पुलिसकर्मियों की दयनीय जीवन स्थितियों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लखनऊ जीआरपी (GRP) पुलिस लाइन में तैनात सिपाही का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने जवानों के रहने की जगह को “भैंस के तबेले से भी बदतर” बताया है।

प्रमुख आरोप: तबेले जैसी बैरक और भ्रष्टाचार
सिपाही सुनील शुक्ला ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जिन बैरकों में पुलिस के जवान रहने को मजबूर हैं, उनकी स्थिति नारकीय हो चुकी है। उनके द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
बदहाल आवास
शुक्ला का आरोप है कि लखनऊ जीआरपी लाइन की बैरकें इतनी जर्जर और गंदी हैं कि वहाँ रहना किसी सजा से कम नहीं है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि पशुओं के रहने का स्थान (तबेला) भी शायद इनसे बेहतर होता होगा।
भ्रष्टाचार का बोलबाला
सिपाही ने वरिष्ठ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि जवानों की सुविधाओं के लिए आने वाले फंड का सही इस्तेमाल नहीं होता, जिसके कारण बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
मानवाधिकारों का हनन
उन्होंने सवाल उठाया कि जो पुलिसकर्मी जनता की सुरक्षा के लिए 24 घंटे तैनात रहते हैं, क्या उनके पास सम्मानजनक तरीके से सोने और रहने का भी अधिकार नहीं है?










