बोकारो थर्मल: 12 साल बाद जनता को मिला विवेकानंद सेतु ओवरब्रिज का तोहफा, अब रेलवे फाटक जाम से मिलेगी राहत

134 करोड़ की लागत से बने 2 किलोमीटर लंबे विवेकानंद सेतु ओवरब्रिज का शुभ उद्घाटन

बोकारो थर्मल : बोकारो थर्मल में वर्षों से लोगों की परेशानी का कारण बना रेलवे फाटक जाम का इतिहास गुरुवार को दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) द्वारा निर्मित 134 करोड़ रुपये की लागत से बने लगभग 2 किलोमीटर लंबे विवेकानंद सेतु ओवरब्रिज का विधिवत उद्घाटन कर आम जनता को समर्पित कर दिया गया।

निगम के परियोजना प्रधान सुशील कुमार अरजरिया ने सेतु पट्ट का अवलोकन करने के बाद फीता काटकर इस बहुप्रतीक्षित ओवरब्रिज का शुभ उद्घाटन किया। यह ओवरब्रिज झारखंड के लंबे ओवरब्रिजों में शुमार किया जा रहा है।

गौरतलब है कि ओवरब्रिज नहीं होने के कारण बोकारो थर्मल रेलवे फाटक पर लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता था। डीवीसी कर्मियों, मरीजों, स्कूली बच्चों तथा आम राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमि पूजन 25 फरवरी 2014 को किया गया था तथा इसे तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन रेलवे से एनओसी मिलने में देरी के कारण निर्माण कार्य पूरा होने में लगभग 12 वर्ष लग गए। ओवरब्रिज निर्माण का कार्य बीकेबी एवं डेको कंपनी को दिया गया था।
बताया जाता है कि इस ओवरब्रिज का उद्घाटन 28 फरवरी 2026 को प्रस्तावित था, लेकिन गिरिडीह सांसद सीपी चौधरी द्वारा रेलवे को पत्र लिखकर गुणवत्ता जांच की मांग किए जाने के कारण उद्घाटन टाल दिया गया था।

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वहीं उद्घाटन में लगातार हो रही देरी से नाराज स्थानीय कांग्रेस नेता सह समाजसेवी जोगेंद्र गिरी उर्फ बाबूलाल गिरी के नेतृत्व में मंगलवार को लोगों ने ओवरब्रिज पर लगाए गए गार्डवाल को हटाकर इसे आम जनता के लिए खोल दिया था। बाद में स्थानीय प्रबंधन द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद पुनः ओवरब्रिज को बंद कर गुरुवार को विधिवत उद्घाटन किया गया।

एनडीए और यूपीए की राजनीतिक खींचतान में फंसा यह ओवरब्रिज आखिरकार जनता को समर्पित कर दिया गया, जिससे क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है।

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