Monsoon Disaster: असम से हिमाचल तक बारिश का कहर, बाढ़-भूस्खलन ने बढ़ाई मुश्किलें; कई राज्यों में जनजीवन अस्त-व्यस्त

Monsoon Disaster: देशभर में मानसून अब राहत से ज्यादा चुनौती बनता नजर आ रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश ने पूर्वोत्तर से लेकर उत्तर भारत तक हालात बिगाड़ दिए हैं। कई राज्यों में नदियां उफान पर हैं, जगह-जगह भूस्खलन और बादल फटने जैसी घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि सड़क, रेल और बिजली जैसी बुनियादी सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

असम में सबसे ज्यादा असर, लाखों लोग बाढ़ से घिरे

असम इस समय सबसे गंभीर स्थिति का सामना कर रहा है। लगातार बारिश के कारण राज्य के कई जिलों में बाढ़ का पानी फैल गया है। हजारों घर जलमग्न हो चुके हैं और बड़ी संख्या में लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बीते 24 घंटे में कई लोगों की जान गई है, जिसके बाद मृतकों का आंकड़ा और बढ़ गया है। शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जैसे जिले सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। प्रशासन राहत शिविरों के जरिए भोजन, दवा और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटा है।

उफनती नदियों ने बढ़ाई परेशानी, परिवहन भी प्रभावित

ब्रह्मपुत्र समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में तेजी से पानी भर गया है। कई गांवों का संपर्क टूट गया है और रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ा है। सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं ताकि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।

हिमाचल में बादल फटा, पहाड़ों पर बढ़ा खतरा

हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के बीच कांगड़ा जिले की बोह घाटी में बादल फटने की घटना ने भारी नुकसान पहुंचाया। तेज बहाव में कई मकान, गौशालाएं और खेती की जमीन प्रभावित हुई। हालांकि समय रहते लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जिससे बड़ा जनहानि टल गई। प्रशासन मलबा हटाने और क्षतिग्रस्त इलाकों में सामान्य स्थिति बहाल करने का प्रयास कर रहा है।

स्कूल बंद, सड़क और बिजली व्यवस्था पर असर

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद हिमाचल के कई जिलों में एहतियातन स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-5 सहित कई सड़कें बंद हैं। पेयजल योजनाएं और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। प्रशासन लगातार वैकल्पिक व्यवस्थाएं तैयार करने में जुटा है ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो।

जम्मू-कश्मीर में अलर्ट, धार्मिक यात्राओं पर रोक

जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश और भूस्खलन ने हालात कठिन बना दिए हैं। कई जिलों में जान-माल का नुकसान हुआ है और राहत अभियान जारी है। खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा, शिव खोरी और मचैल माता यात्रा को फिलहाल स्थगित रखा है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्राएं दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा।

पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी हालात चुनौतीपूर्ण

नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश भी भारी बारिश से प्रभावित हैं। कई गांवों में जलभराव और भूस्खलन के कारण लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। राहत टीमें लगातार प्रभावित इलाकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।

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