Raebareli: रायबरेली के गदागंज थाना क्षेत्र के पूरे नब्बा सिंह का पुरवा गांव में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया। घर के भीतर सामान्य घरेलू काम कर रही 60 वर्षीय फूल दुलारी की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव के लोगों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस बिजली पोल और उससे जुड़े सेफ्टी तार को लेकर वर्षों से शिकायत की जा रही थी, उसी की अनदेखी आखिरकार एक महिला की जान ले गई।
पंखे का प्लग निकालते समय हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब छह बजे फूल दुलारी पत्नी स्वर्गीय हुबलाल गौतम अपने घर में पंखे का प्लग निकाल रही थीं। इसी दौरान घर के पास लगे बिजली पोल से जुड़ा लोहे का सेफ्टी तार करंट की चपेट में था। जैसे ही उनका हाथ उस तार से संपर्क में आया, उन्हें तेज करंट लगा और वह वहीं गिर पड़ीं।

आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ग्रामीणों के अनुसार, मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घर में सिर्फ मासूम नाती था मौजूद
परिजनों ने बताया कि फूल दुलारी अपने सात वर्षीय नाती अभय के साथ गांव में रहती थीं। उनका बेटा संतोष अपनी पत्नी के साथ शहर में रहकर काम करता है। हादसे के समय घर में कोई दूसरा वयस्क सदस्य मौजूद नहीं था। ऐसे में समय रहते उन्हें बिजली के संपर्क से अलग नहीं किया जा सका, जिससे उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
12 साल पुरानी शिकायत बनी बड़ा सवाल
घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आया। उनका कहना है कि गांव का बिजली पोल पिछले करीब 12 वर्षों से एक बबूल के पेड़ के सहारे झुका हुआ था। उसी पोल से निकला सेफ्टी तार मृतका के घर के पास तक पहुंचा हुआ था।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार बिजली विभाग को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन न तो पोल बदला गया और न ही तारों की स्थिति सुधारी गई। लोगों का कहना है कि यदि विभाग समय पर आवश्यक मरम्मत कर देता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
पुलिस ने शुरू की जांच, कार्रवाई की उठी मांग
घटना की सूचना मिलते ही गदागंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
दूसरी ओर, ग्रामीणों ने बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि लापरवाही साबित होती है तो दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।










