लखनऊ तीन मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, 15 लोगों की मौत, कई घायल

लखनऊ अलीगंज आग हादसा: तीन मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, 15 लोगों की मौत, कई घायल

Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सोमवार को एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई। शहर के अलीगंज इलाके स्थित उषा मेहता मार्ग पर बनी एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। इस हादसे में अब तक कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में अधिकांश छात्र शामिल हैं, जो इमारत में संचालित एनीमेशन प्रशिक्षण केंद्र में मौजूद थे। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया और कई लोग अंदर फंस गए। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचे और बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।

कैसे हुआ हादसा?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह आग अलीगंज स्थित उषा मेहता मार्ग पर बने एक कॉम्प्लेक्स में लगी। इस भवन में एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर, पालतू पशुओं का क्लिनिक और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे थे। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही मिनटों में धुएं ने पूरी इमारत को भर दिया, जिससे अंदर मौजूद लोगों का दम घुटने लगा। कई लोग मदद के लिए चीखते रहे, जबकि स्थानीय लोगों ने भी अपने स्तर पर बचाव का प्रयास किया।

छात्रों पर टूटा दुखों का पहाड़

इस हादसे में जान गंवाने वालों में बड़ी संख्या छात्रों की बताई जा रही है। एनीमेशन प्रशिक्षण केंद्र में नियमित कक्षाएं चल रही थीं, तभी आग लगने की घटना हुई। अचानक मचे हड़कंप के बीच कई छात्र बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन कुछ लोग धुएं और आग के कारण अंदर ही फंस गए।घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

राहत और बचाव अभियान

घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। पुलिस प्रशासन, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीमों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान चलाया। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।राहतकर्मियों को बचाव कार्य के दौरान भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा क्योंकि आग ने भवन के बड़े हिस्से को नुकसान पहुंचाया था। इमारत का बाहरी हिस्सा पूरी तरह झुलस गया और अंदर का ढांचा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

आग लगने के कारणों की जांच शुरू

फिलहाल आग लगने के कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है। हालांकि शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या भवन में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

प्रशासन ने जताया दुख

इस हृदयविदारक हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। अधिकारियों ने घायलों के बेहतर इलाज का आश्वासन दिया है और कहा है कि राहत कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यावसायिक भवनों में सुरक्षा मानकों की नियमित जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

अग्नि सुरक्षा पर उठे सवाल

लखनऊ के इस भीषण हादसे ने एक बार फिर शहर की व्यावसायिक इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भवनों में फायर एग्जिट, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन अलार्म और नियमित सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य रूप से होने चाहिए। हर वर्ष आगजनी की घटनाओं में बड़ी संख्या में लोग अपनी जान गंवाते हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही देखने को मिलती है। ऐसे में प्रशासन और भवन संचालकों दोनों की जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है।

Other Latest News

Leave a Comment