Raebareli: परिषदीय विद्यालयों में छात्र संख्या के अनुपात में शिक्षकों की तैनाती को लेकर चल रही समायोजन प्रक्रिया अब रायबरेली में भी निर्णायक दौर में पहुंच गई है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद समायोजन से बचे 34 जिलों के शिक्षकों की आपत्तियों पर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में रायबरेली के जूनियर हाईस्कूल स्तर के तीन शिक्षकों को ऑनलाइन अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है।
समायोजन का सीधा नियम है कि जिस विद्यालय में छात्र कम और शिक्षक अधिक हैं, वहां से अतिरिक्त शिक्षक हटाए जाएंगे, जबकि जिन विद्यालयों में छात्र अधिक और शिक्षक कम हैं, वहां शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। इसी प्रक्रिया में रायबरेली जिले की सूची में प्राथमिक विद्यालय स्तर पर एक भी आपत्ति नहीं दर्ज हुई, जबकि जूनियर हाईस्कूल यानी कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई वाले विद्यालयों के तीन शिक्षकों ने समायोजन पर आपत्ति दर्ज कराई है।

25 अगस्त को खुलेगी ऑनलाइन सुनवाई की खिड़की
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार रायबरेली की सुनवाई 25 अगस्त 2026 को दोपहर 2:05 बजे से 2:20 बजे तक होगी। महज 15 मिनट के इस समय में तीनों आपत्तिकर्ता शिक्षकों को अपना पक्ष और तर्क रखने का अवसर मिलेगा। सुनवाई गूगल मीट के माध्यम से होगी।
जारी सूची में रायबरेली को क्रमांक 28 पर रखा गया है। जिले के तीनों शिक्षक यह बताने का प्रयास करेंगे कि उनका नाम समायोजन सूची में क्यों नहीं रखा जाना चाहिए और उन्हें वर्तमान विद्यालय से हटाया जाना उचित क्यों नहीं है।
अब तर्क मजबूत हुआ तो बचेंगे, नहीं तो जाना तय!
समायोजन प्रक्रिया में आपत्ति दर्ज कराने वाले इन तीन शिक्षकों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपने पक्ष को ठोस तथ्यों के साथ साबित करने की है। यदि सुनवाई के दौरान उनके तर्क और दस्तावेज नियमों के अनुरूप पाए जाते हैं तो उन्हें समायोजन से राहत मिल सकती है। वहीं यदि आपत्ति निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरती है तो उन्हें भी जिले के अन्य शिक्षकों की तरह समायोजन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।
गौरतलब है कि रायबरेली में समायोजन को लेकर प्रक्रिया पहले ही आपत्तियों के कारण अटकी हुई है। अब हाईकोर्ट के निर्देश के बाद आपत्तियों पर सुनवाई की तारीख तय होने से इस मामले में तस्वीर साफ होने की उम्मीद बढ़ गई है।
सवाल सिर्फ तीन शिक्षकों का नहीं, पूरी व्यवस्था का है
समायोजन का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच संतुलन कायम करना है, लेकिन असली सवाल यह है कि इस प्रक्रिया में तय मानकों का कितना पारदर्शी ढंग से पालन हुआ। जिन शिक्षकों को अतिरिक्त मानते हुए हटाने की तैयारी है, उनके लिए अब ऑनलाइन सुनवाई आखिरी महत्वपूर्ण मौका बन गई है।
रायबरेली के तीन शिक्षक 25 अगस्त को दोपहर 2:05 से 2:20 बजे तक अपनी बात रखेंगे। इसके बाद यह तय होगा कि उनकी आपत्ति व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है या समायोजन से बचने का आधार नहीं बन पाती। फिलहाल सभी की निगाहें इस 15 मिनट की ऑनलाइन सुनवाई पर टिक गई हैं।










