रायबरेली कलेक्ट्रेट में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल एवं उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल, रायबरेली ने यूपीआई (UPI) लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर वित्त मंत्री, भारत सरकार को ज्ञापन एवं सुझाव पत्र भेजा है। ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजते हुए व्यापारियों ने यूपीआई (UPI) भुगतान पर एमडीआर (MDR) लागू होने की न्यूनतम लेनदेन सीमा और मासिक अधिकतम सीमा में संशोधन किए जाने की मांग की है।
व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष प्रभाकर गुप्ता ने कहा कि यूपीआई वर्तमान समय में देश में डिजिटल भुगतान का प्रमुख माध्यम बन चुका है। खासकर छोटे एवं मध्यम वर्ग के व्यापारियों, उद्यमियों तथा उपभोक्ताओं के लिए यूपीआई ने भुगतान प्रक्रिया को आसान, तेज और सुविधाजनक बनाया है। ऐसे में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय भार कम रखना जरूरी है।

ज्ञापन में कहा गया है कि भारत सरकार द्वारा 15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के यूपीआई (UPI) लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर निर्धारित किए जाने तथा मासिक अधिकतम एमडीआर (MDR) सीमा ₹1 लाख रखे जाने के संदर्भ में व्यापार मंडल की कोर इकाई की बैठक में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के बाद व्यापार मंडल ने सुझाव दिया कि एमडीआर लागू होने की न्यूनतम लेनदेन सीमा ₹2,000 से बढ़ाकर ₹10,000 की जाए। इसके साथ ही मासिक अधिकतम एमडीआर सीमा को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख किया जाए।
व्यापार मंडल का कहना है कि इससे छोटे और मध्यम व्यापारियों तथा उद्यमियों पर अनावश्यक वित्तीय दबाव कम होगा और डिजिटल भुगतान को लेकर उनका भरोसा बना रहेगा। संगठन ने वित्त मंत्रालय से व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
ज्ञापन पर जिला महामंत्री संदीप शुक्ला, जिला कोषाध्यक्ष चंद्र प्रकाश गुप्ता, नगर अध्यक्ष के.के. गुप्ता सहित व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं।










