Maharajganj: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महराजगंज क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं के धरने पर बैठने से स्वास्थ्य केंद्र परिसर में हलचल रही। आशाओं ने लंबे समय से लंबित मांगों और समस्याओं का समाधान नहीं होने पर नाराजगी जताई।
धरने पर बैठी आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और अभियानों को गांव-गांव तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला मानदेय बेहद कम है। आशाओं का आरोप है कि कई बार मानदेय और प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी समय से नहीं होता और अलग-अलग मदों में राशि टुकड़ों में मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

आशाओं ने कहा कि विभाग की ओर से लगातार अलग-अलग जिम्मेदारियां और कार्य सौंपे जाते हैं। क्षेत्र में सर्वे, स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी पहुंचाने, गर्भवती महिलाओं और बच्चों से संबंधित कार्यों सहित कई जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उनकी समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
धरने के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक से जुड़े एक कथित बयान का भी जिक्र किया। आशाओं ने कहा कि उन्हें नौकरी छोड़कर ई-रिक्शा चलाने की बात कही गई, जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। हालांकि, इस कथित बयान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगी। इसके बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो रायबरेली जिलाधिकारी कार्यालय के सामने व्यापक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री आवास तक अपनी आवाज पहुंचाने की बात भी आशाओं ने कही।
आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन मांगों के समाधान तक वे पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने शासन-प्रशासन से उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय लेने की मांग की है।










