Emergency Anniversary के अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 1975 में लगाए गए आपातकाल के लिए कांग्रेस को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय था, जिसने नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचलने का काम किया।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ है और इतने वर्षों बाद भी कांग्रेस ने उस दौर की गलतियों को स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व ने सत्ता बचाने के लिए देश पर आपातकाल थोपा था और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास किया था। उनके मुताबिक, कांग्रेस को अपने अतीत की जिम्मेदारी लेते हुए देश की जनता से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए।

उपमुख्यमंत्री ने राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को यह स्वीकार करना चाहिए कि आपातकाल लागू करना एक बड़ी राजनीतिक और संवैधानिक भूल थी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है और किसी भी राजनीतिक दल को जनता के अधिकारों से ऊपर नहीं रखा जा सकता।
आपातकाल को बताया लोकतंत्र पर हमला
ब्रजेश पाठक ने कहा कि आपातकाल के दौरान देशभर में विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की आवाज दबाने का प्रयास किया गया था। उन्होंने दावा किया कि उस समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर प्रतिबंध लगाए गए और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया गया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं को जेलों में बंद किया गया था। कई लोगों को केवल सरकार की आलोचना करने के कारण प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उनके अनुसार, लोकतंत्र की रक्षा के लिए उस दौर को याद रखना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा पैदा न हों।
समाजवादी पार्टी पर भी साधा निशाना
डिप्टी सीएम ने अपने बयान में समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज कुछ राजनीतिक दल उन्हीं लोगों के साथ खड़े दिखाई देते हैं, जिनकी नीतियों की वजह से लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा था। उन्होंने दावा किया कि आपातकाल के समय कई विपक्षी नेताओं को जेल भेजा गया और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया गया।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव जीतने का नाम नहीं है, बल्कि जनता के अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान का भी नाम है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को इतिहास से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
मोदी सरकार की उपलब्धियों का किया जिक्र
उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उनके अनुसार, देश ने बुनियादी ढांचे, अर्थव्यवस्था, डिजिटल तकनीक और वैश्विक मंचों पर अपनी स्थिति को मजबूत किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और आम नागरिकों के हितों को प्राथमिकता देने का काम कर रही है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
आपातकाल की वर्षगांठ के मौके पर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा जहां आपातकाल को लोकतंत्र पर हमला बताकर कांग्रेस को घेर रही है, वहीं कांग्रेस लगातार मौजूदा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाती रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
Emergency Anniversary के अवसर पर ब्रजेश पाठक का यह बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस से आपातकाल के लिए माफी मांगने की मांग करते हुए राहुल गांधी को सीधे निशाने पर लिया है। वहीं, कांग्रेस और भाजपा के बीच इस मुद्दे को लेकर सियासी टकराव एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों को लेकर शुरू हुई यह बहस आने वाले समय में राजनीतिक विमर्श का बड़ा विषय बन सकती है।










