Jharkhand: झारखंड के नवनियुक्त सहायक आचार्यों को नियुक्ति तिथि से बकाया वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। आजसू पार्टी के महासचिव संजय मेहता के प्रयासों से यह सफल हुआ है।
संजय मेहता से सहायक आचार्यों ने अपनी समस्या रखी थी। जिसके बाद उन्होंने प्राथमिक शिक्षा निदेशक से वार्ता की थी और उन्हें एक जुलाई 2026 को पत्र लिखा था। जिसके बाद विभाग ने विभागीय संकल्प संख्या 16/ब 1-05/2026/1175 दिनांक 13.07.2026 के तहत पत्र जारी करते हुए वेतन भुगतान का आदेश जारी किया है।

संजय मेहता ने 1 जुलाई 2026 को प्राथमिक शिक्षा निदेशक, झारखंड को एक विस्तृत पत्र लिखकर नवनियुक्त सहायक आचार्यों के वेतन भुगतान में आ रही व्यावहारिक एवं तकनीकी कठिनाइयों की ओर ध्यान दिलाते हुए त्वरित समाधान का आग्रह किया था।
पत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के आवंटन से 2025-26 की अवधि के बकाया वेतन भुगतान में दिक्कतें आ रही हैं, जिससे हजारों शिक्षकों और उनके परिवारों में चिंता का माहौल है।
पत्र लिखने के बाद संजय मेहता ने प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा और मामले का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। उनकी इस सतत पहल का सकारात्मक परिणाम सामने आया है।
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इस आशय का संशोधित आदेश जारी कर दिया है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार रंजन द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि नवनियुक्त सहायक आचार्यों के वित्तीय वर्ष 2025-26 के बकाया वेतन के भुगतान में अब कोई बाधा नहीं रहेगी।
15 अप्रैल 2026 के आवंटन आदेश में लगी शर्त को सहायक आचार्यों के मामले में हटा दिया गया है। अब इन शिक्षकों का बकाया वेतन स्वीकृत आवंटित राशि से सीधे भुगतान किया जा सकेगा और इसके लिए अलग से निदेशक का आदेश लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
यह संशोधन केवल नवनियुक्त सहायक आचार्यों के वेतन भुगतान तक सीमित रहेगा। विभागीय सचिव की स्वीकृति के बाद सभी संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि संशोधित आदेश का पालन करते हुए तुरंत वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
क्या कहते हैं संजय मेहता
संजय मेहता ने इस सफलता पर कहा की हजारों युवा शिक्षकों और उनके परिवारों की चिंता दूर होना मेरे लिए सबसे बड़ी संतुष्टि है। सरकारी योजनाओं और नियुक्तियों का लाभ लाभार्थियों तक समय पर पहुँचना चाहिए। मैंने केवल शिक्षकों की आवाज को विभाग तक पहुँचाया और लगातार फॉलो-अप किया। जिससे यह सकारात्मक परिणाम निकला है।
विभाग के इस संशोधित आदेश से झारखंड के विभिन्न जिलों में कार्यरत नवनियुक्त सहायक आचार्य अब राहत की सांस ले सकेंगे। उन्होंने कहा की सहायक आचार्य ने इस कार्य के लिए आभार जताया है। हम लगातार जनमुद्दों पर समाधान के लिए अपना प्रयास जारी रखेंगे।










