JPSC-JSSC परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ JLKM का रामगढ़ में महाधरना, सरकार पर साधा निशाना

रामगढ़ में JLKM ने JPSC-JSSC परीक्षा में कथित धांधली के विरोध में महाधरना दिया। छात्रों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और मांगें नहीं माने जाने पर विधानसभा घेराव की चेतावनी दी।

झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर मंगलवार को रामगढ़ जिला मुख्यालय के समीप बिरसा चौक पर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) की ओर से एक दिवसीय शांतिपूर्ण महाधरना आयोजित किया गया। प्रदर्शन सुबह 11 बजे शुरू हुआ और शाम 5 बजे तक जारी रहा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

छात्रों के साथ अभिभावक और समर्थक भी हुए शामिल

धरना कार्यक्रम में केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ही नहीं, बल्कि उनके अभिभावक और JLKM के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है, इसलिए इस मुद्दे पर व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है।

आंदोलन में शामिल लोगों ने कहा कि यदि युवाओं को न्याय नहीं मिला तो इसका असर राज्य के हजारों अभ्यर्थियों पर पड़ेगा। इसी कारण शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

कथित परीक्षा गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच की उठी मांग

धरने के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि JPSC और JSSC की विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया युवाओं का संवैधानिक अधिकार है। इसलिए सरकार को इस पूरे मामले में स्पष्ट और ठोस कदम उठाने चाहिए।

ज्ञापन सौंपकर सरकार तक पहुंचाई मांगें

धरना समाप्त होने के बाद JLKM के प्रतिनिधिमंडल ने रामगढ़ जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रशासन के माध्यम से सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में परीक्षा प्रक्रिया की कथित गड़बड़ियों की जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसी मांगें शामिल थीं।

प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में किया गया है तथा भविष्य में भी इसी तरीके से अपनी बात रखी जाएगी।

छात्र नेता ने दी विधानसभा घेराव की चेतावनी

धरना कार्यक्रम के दौरान छात्र प्रतिनिधि संतोष ने कहा कि यदि सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर बड़ी संख्या में छात्र रांची पहुंचकर विधानसभा का घेराव भी करेंगे।

उनके अनुसार, यह केवल किसी एक परीक्षा का मामला नहीं बल्कि राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य का सवाल है। इसलिए सरकार को जल्द निर्णय लेकर अभ्यर्थियों की आशंकाओं को दूर करना चाहिए।

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