Shri Ram Power Plant Blast: झारखंड के रामगढ़ जिले में रविवार को औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला बड़ा हादसा सामने आया। कुजू ओपी क्षेत्र स्थित श्री राम पावर प्लांट (Shri Ram Power Plant) में काम के दौरान फर्नेस में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि कुछ देर के लिए पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे में 10 से अधिक मजदूरों के झुलसने की सूचना है, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
स्पंज जलाने और मेंटेनेंस के दौरान अचानक फट गई भट्टी
बताया जा रहा है कि घटना के वक्त प्लांट में फर्नेस के जरिए स्पंज जलाने के साथ मेंटेनेंस से जुड़ा काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक भट्टी में जोरदार ब्लास्ट हुआ। धमाके के साथ फर्नेस के भीतर मौजूद अत्यधिक गर्म पिघला हुआ लोहा और आग की लपटें आसपास के हिस्से में फैल गईं। मौके पर मौजूद मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और कई लोग इसकी चपेट में आ गए।

धमाके के बाद प्लांट में मची भगदड़
विस्फोट के तुरंत बाद प्लांट में चीख-पुकार मच गई। कर्मचारी और दूसरे मजदूर घटनास्थल की ओर दौड़े और घायल मजदूरों को बाहर निकालने में जुट गए। आनन-फानन में झुलसे मजदूरों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल कुछ मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है।
दो मजदूर 90% से ज्यादा झुलसे, तीन की हालत भी गंभीर
चिकित्सकों के अनुसार हादसे में दो मजदूरों के शरीर का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा झुलस गया है। उनकी स्थिति बेहद नाजुक बताई जा रही है। वहीं, तीन अन्य मजदूर 40 प्रतिशत से अधिक झुलसे हैं। घायलों में राजेंद्र महतो, परमेश्वर महतो, विजय यादव, संजय यादव और धनंजय सिंह के नाम सामने आए हैं।
मेंटेनेंस के दौरान फर्नेस मैग्नेट से हादसे की आशंका
प्रारंभिक जानकारी में फर्नेस के मैग्नेट संचालन और मेंटेनेंस कार्य के दौरान हादसा होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, ब्लास्ट की वास्तविक वजह क्या थी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। तकनीकी खराबी, संचालन के दौरान हुई चूक या सुरक्षा प्रक्रिया में कमी जैसे बिंदुओं की जांच के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी।
प्लांट प्रबंधन पर सुरक्षा में लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद लोक जनशक्ति पार्टी लेबर सेल के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह भाटिया ने प्लांट प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि प्लांट में पहले भी इस तरह की घटनाएं होती रही हैं और श्रमिकों की सुरक्षा से जुड़े मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई है।
पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मामले की जांच में जुट गई है। अधिकारियों की जांच में हादसे के कारण, फर्नेस की स्थिति, मेंटेनेंस प्रक्रिया और प्लांट में उपलब्ध सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है। इसी के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर फर्नेस में इतना बड़ा विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।










