Amethi: रायबरेली-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर एनएचएआई (NHAI) और संबंधित ठेकेदारों की कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। टोल प्लाजा नसरतपुर के समीप सड़क किनारे वर्षों से भगवान राम के मंदिर की तस्वीर वाले सांकेतिक बोर्ड गंदगी के बीच पड़े होने का मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी दिखाई दी। लोगों का आरोप है कि आस्था से जुड़े इन बोर्डों को सम्मानजनक तरीके से रखने के बजाय उन्हें सड़क किनारे और शौचालय के आसपास लावारिस हालत में छोड़ दिया गया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगाए गए इन सांकेतिक बोर्डों पर भगवान राम के मंदिर की तस्वीरें अंकित हैं। बताया जा रहा है कि ऐसे सैकड़ों बोर्ड विभिन्न स्थानों पर लगाए गए थे, लेकिन समय बीतने के साथ कई बोर्ड खराब होने के बाद उन्हें हटाकर टोल प्लाजा नसरतपुर के समीप सड़क किनारे ही डाल दिया गया। लंबे समय से पड़े इन बोर्डों पर धूल-मिट्टी और गंदगी जमा है।

शौचालय के पास पड़े बोर्डों को लेकर नाराजगी
मामले की सबसे गंभीर बात यह बताई जा रही है कि भगवान राम के मंदिर की तस्वीर वाले कई बोर्ड ऐसे स्थान पर पड़े हैं, जहां टोल प्लाजा से जुड़े लोग शौच के लिए जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ बोर्ड पर भगवान राम के मंदिर की तस्वीर लगी है और दूसरी तरफ उसी के आसपास गंदगी एवं शौचालय का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं।
मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान प्रतिनिधि समेत स्थानीय लोगों ने बोर्डों की स्थिति देखकर नाराजगी जताई। लोगों ने कहा कि यदि बोर्ड उपयोग के योग्य नहीं हैं तो उन्हें सम्मानजनक तरीके से हटाकर नियमानुसार निस्तारित किया जाना चाहिए था। उन्हें वर्षों तक गंदगी के बीच छोड़ देना संबंधित विभाग और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
आस्था के साथ मजाक का आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण, रखरखाव और टोल संचालन से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी एवं ठेकेदार धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में भी गंभीरता नहीं बरत रहे हैं। लोगों का कहना है कि भगवान राम की तस्वीर वाले सांकेतिक बोर्डों को जिस तरह से सड़क किनारे फेंककर रखा गया है, वह आस्था के साथ मजाक जैसा प्रतीत होता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि एनएचएआई और संबंधित ठेकेदार तत्काल मौके का निरीक्षण कर सभी ऐसे बोर्डों को सम्मानजनक तरीके से हटवाएं तथा यह भी जांच की जाए कि आखिर वर्षों से पड़े इन बोर्डों की सुध क्यों नहीं ली गई।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की जांच कर लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर धार्मिक प्रतीकों और तस्वीरों वाले संकेतक लगाए जाते हैं तो उनके रखरखाव और हटाए जाने की भी स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए।
अब देखना यह है कि मामले के सामने आने के बाद एनएचएआई एवं संबंधित जिम्मेदार अधिकारी मौके का निरीक्षण कर बोर्डों को सम्मानजनक स्थान पर रखवाते हैं या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाता है।










