Dhanbad: देश भर में पिछले कुछ महीनों से गैस सिलेंडर की किल्लत से आम जनता परेशान है। हालांकि अब स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है, लेकिन धनबाद के भूली स्थित सुमित्रा एचपी गैस एजेंसी (डिनोबली स्कूल के समीप, बड़की बौआ) पर ग्राहकों के शोषण और कालाबाजारी का गंभीर आरोप लगा है। सूत्रों से मिली जानकारी के बाद जब एक पत्रकार ग्राहक बनकर सच्चाई जानने एजेंसी के दफ्तर पहुंचा, तो वहां की कथित मैनेजर नीतू सिंह ने न सिर्फ बदसलूकी की, बल्कि सरकार और नियमों को ताक पर रखकर तानाशाही रवैया अपनाया।
मैनेजर नीतू सिंह के विवादित और गैर-जिम्मेदाराना बयान

पत्रकार ने जब मैनेजर नीतू सिंह से ग्राहकों को मिलने वाली सुविधाओं और नियमों पर सीधे सवाल किए, तो वह भड़क गईं। महिला होने का फायदा उठाते हुए उन्होंने बहस शुरू कर दी और दबाव बनाते हुए ये बातें कहीं:
- “नियम अब हम तय करेंगे”: उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार ने जो सुविधा दी सो दी, अब से जो नियम हम तय करेंगे, वही आपको मानना होगा।
- “एजेंसी आप पर उपकार कर रही है”: उन्होंने दावा किया कि सुमित्रा एचपी गैस एजेंसी ग्राहकों को सिलेंडर देकर उन पर उपकार (मेहरबानी) कर रही है।
- “जबरन बुकिंग का दबाव”: ग्राहकों को हर महीने सिलेंडर बुक करना ही पड़ेगा, चाहे उन्हें उसकी जरूरत हो या न हो।
- “जानकारी देने के लिए नहीं बैठे हैं”: एजेंसी में किसी भी तरह की पूछताछ करने पर उन्होंने कहा कि हम यहां जानकारी देने के लिए नहीं बैठे हैं, जो पूछना है ऑनलाइन या टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके पता करो।
- “आपके पैसों से हमारा घर नहीं चलता”: ग्राहकों के पैसों को लेकर उन्होंने कहा कि आप जो पैसे देते हैं, वह हम सरकार को देते हैं, उससे हमारा घर नहीं चलता।
उठ रहे हैं गंभीर सवाल: क्या यह कालाबाजारी का खेल है?
मैनेजर के इस अड़ियल और उदंड व्यवहार के बाद अब सुमित्रा गैस एजेंसी के संचालकों पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं:
- क्या कोई गैस एजेंसी सरकार के नियमों से ऊपर होकर अपने खुद के नियम थोप सकती है?
- क्या उपभोक्ताओं को पैसे देने के बावजूद गैस सिलेंडर देकर एजेंसी उन पर कोई मेहरबानी कर रही है?
- ग्राहकों पर जबरन हर महीने सिलेंडर लेने का दबाव बनाना किस नियम के तहत जायज है?
एजेंसी दफ्तर में इस तरह का दबाव बनाना और ग्राहकों की आवाज को दबाना साफ तौर पर यह इशारा करता है कि यहाँ पर्दे के पीछे कथित तौर पर गैस की कालाबाजारी का खेल चल रहा है।
प्रबंधन और प्रशासन से कार्रवाई की मांग
मैनेजर नीतू सिंह की इस उदंडता और बदजुबानी से सुमित्रा एचपी गैस एजेंसी की साख पर गहरा बट्टा लग रहा है। आम जनता और उपभोक्ताओं ने एचपी गैस के उच्च प्रबंधन और स्थानीय जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की तुरंत उच्च स्तरीय छानबीन की जाए। अगर इस तानाशाही और गुप्त खेल पर रोक नहीं लगाई गई, तो उपभोक्ताओं का गैस एजेंसी पर से भरोसा पूरी तरह उठ हो जाएगा।










